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मेयर ने दी स्मार्ट सिटी के रोडमैप को मंजूरी, जनता ने अपना मेनिफेस्टो रखा

7 वर्ष पहले
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बिलासपुर. सरकारें स्मार्ट सिटी बनाएं न बनाएं, नागरिक अगर चाहें तो अपने शहर को जरूर 'स्मार्ट' बना सकते हैं। भास्कर मुहिम से इसकी शुरुआत हो चुकी है। 'स्मार्ट वार्ड-स्मार्ट सिटी' के एजेंडे पर मुहर लगाते हुए नगर निगम की मेयर-इन-कौंसिल ने स्मार्ट सिटी के रोडमैप को मंजूरी दी है। यह जानकारी मेयर वाणी राव ने दी। दैनिक भास्कर रूबरू का छठा आयोजन शुक्रवार को लालबहादुर शास्त्री स्कूल परिसर के पं. देवकीनंदन दीक्षित सभा भवन में हुआ।
इसमें वार्ड नंबर 23 शहीद अशफाकउल्ला खां नगर, वार्ड-26 पं. मुन्नूलाल शुक्ल नगर और वार्ड-27 लाला लाजपतराय नगर के जागरूक नागरिकों ने स्मार्ट वार्ड विकसित करने के उपाय बताए और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। रूबरू में मेयर वाणी राव ने बताया कि देश की 100 स्मार्ट सिटीज में बिलासपुर शामिल हो, इस दिशा में नगर निगम की ओर से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इसमें शहर की विरासतों और धरोहरों का ख्याल रखा जाएगा। पूर्व डिप्टी स्पीकर धर्मजीत सिंह ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
रूबरू में जहां नागरिकों ने अपने कर्तव्यों का ख्याल रखने की जरूरत बताई, वहीं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शहर के विकास के लिए वे हरसंभव कदम उठाने को तत्पर रहेंगे। मांग उठी कि छोटी-छोटी योजनाएं बनें और उन्हें समय पर पूरा किया जाए। हर निर्माण के ठेके में सिटीजन चार्टर लागू हो, ताकि जनता भी हर काम की निगरानी कर सके।
वार्ड-23 : शहीद अशफाकउल्ला खां नगर : सड़कों पर न पसारें दुकान
शहर के सबसे घनी बसाहट वाले वार्ड के पार्षद ही नहीं, रहवासी भी वार्ड को स्मार्ट बनाना चाहते हैं। हर वार्ड की तरह यहां भी सफाई, ट्रैफिक सहित कई समस्याएं हैं। इनसे उबरकर ही स्मार्ट वार्ड की कल्पना की जा सकती है। इसे सभी बखूबी समझते हैं। जवाली नाला वार्ड को दो भागों में बांटता है। यहां नर्सिंग होम, मेडिकल दुकानें, होटल, कपड़ा व किराना व्यवसाय की वजह से रहवासियों को तकलीफ होती है। रहवासी वार्ड के हित में इन संस्थानों को व्यवस्थित करने की बात कहते हैं।
कचरा प्रबंधन के लिए उपाय करें
कचरा प्रबंधन के लिए एक ऐसी योजना बनाई जानी चाहिए, जिसमें सभी अपने घर के सामने कचरा पेटी में इसे रखें। निगम के कर्मचारी रोज सुबह आकर कचरा ले जाएं। इससे कचरा नालियों में नहीं फेंका जाएगा और पानी निकासी की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। सीवरेज के कारण वार्ड के लोग परेशान हैं, लेकिन यह समस्या जल्द ही दूर हो जाएगी। -स्नेहलता शर्मा, पार्षद
वार्ड-26 : पं मुन्नूलाल शुक्ल नगर : पहल करें, शहर स्मार्ट होगा
शहर की सबसे पुरानी बस्तियों में से एक पं. मुन्नूलाल शुक्ल नगर में कई धरोहर हैं। लालबहादुर शास्त्री स्कूल से पढ़े सैकड़ों छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में शहर का नाम रोशन किया। अब यह वार्ड पहचान खोता जा रहा है। बढ़ती जनसंख्या से संभवत: यही वार्ड सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां ट्रैफिक का दबाव दूसरे वार्डों की तुलना में सबसे ज्यादा है। शनिचरी बाजार में रोजाना हजारों लोगों के आने-जाने का भी असर व्यवस्था पर पड़ता है। यहां के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल करना चाहिए।
नागरिकों-नेताओं में तालमेल जरूरी
स्मार्ट सिटी की शुरुआत नागरिकों से ही होगी। हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे। अतिक्रमण न करें, कचरा सही जगह पर फेकें, ट्रैफिक व कानून के नियमों का पालन करें तो निश्चित रूप से स्मार्ट सिटी के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। हमारे शहर के बीचों-बीच अरपा बहती है। फिलहाल पानी की समस्या नहीं है। संकल्प से इस सपने को साकार किया जा सकता है। - मुकेश गुप्ता, पार्षद
वार्ड-27 : लाला लाजपतराय नगर : ट्रैफिक, कबाड़ व्यवस्थित करें
शहर का हृदय स्थल कहलाने वाले वार्ड क्रमांक-27 लाला लाजपतराय नगर में ट्रैफिक और दुकानों के सामने अितक्रमण से जनता परेशान है। गौरीशंकर मंदिर से गोल बाजार, सदर बाजार और खोवामंडी की पतली गलियांे में गांवों की तस्वीर नजर आती है। लोग चाहते हैं मूलभूत सुविधाओं के साथ ही व्यवस्थित बसाहट पर ध्यान दिया जाए। प्रशासन बेतरतीब पार्किंग को दुरुस्त करे। खासकर कबाड़ियों की दुकानों को ट्रांसपोर्ट व गोकुल नगर की तर्ज पर एक निश्चित जगह पर शिफ्ट किया जाए।
जनता भी कस्बाई मानसिकता त्यागे
- जनता को कस्बाई सोच से उबरकर जनप्रतिनिधियों के साथ हाथ मिलाकर आगे बढ़ना होगा। शहर का विकास जिले के ब्लॉक और नगर पंचायतों की अपेक्षा पिछड़ता जा रहा है। प्रशासन इस पर ध्यान दे। वार्ड में पसरी कबाड़ दुकानों के लिए प्रशासन जगह तय करे और उन्हें शिफ्ट करंे। ताकि किसी का रोजगार प्रभावित न हो। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए। -शहजादी कुरैशी, पार्षद
जनता का मेनिफेस्टो
- जवाली नाले को साफ कर शहर में इस तरह के चार नाले और बनवाए जाएं
- गोल व सदर बाजार के व्यापारियों की मदद से इन्हें व्यवस्थित किया जाए
- कबाड़ी दुकान वालों को भी गोकुल नगर की तर्ज पर जगह देकर बसाया जाए
- घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाएं। इसमें नागरिक मदद करें।