पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

"निकम्मे' ने "लकवाग्रस्त' मां को मार डाला, क्योंकि वह काम नहीं करती थी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बिलासपुर. सनकी और निकम्मे बेटे ने लकवाग्रस्त बूढ़ी मां को इसलिए मार डाला कि वह घर का कामकाज नहीं करती थी। चल-फिर पाने में नाकाबिल मां खाट पर लेटी थी। छोटे से झगड़े ने ऐसा रूप लिया कि उसकी जान पर बन आई। लाठी से इतने वार किए कि उसकी पीठ, पैर पर बड़े निशान उभर आए और मौके पर उसकी मौत हो गई। राजीव गांधी चौक के पास दिनदहाड़े हुई हत्या को परिजनों ने छिपाने की कोशिश की, लेकिन तब तक पुलिस को खबर मिल चुकी थी। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।

जरहाभाठा राजीव गांधी चौक निवासी उमा गढ़ेवाल पति पन्नालाल गढ़ेवाल (65 वर्ष) लकवाग्रस्त होने के कारण चल-फिर नहीं पाती थी। खाट पर थी। उसके दो बेटों में से कृष्णा गढ़ेवाल (38 वर्ष) छोटा था। वह माता-पिता के साथ रहता था। बड़ा बेटा सुनील (40 वर्ष) अपने बाल-बच्चों के साथ अलग था। कृष्णा काम-धाम नहीं करता था। स्वभाव से सनकी था। जब भी उस पर सनक सवार होती, वह सभी से झगड़ा करने लगता।
बुधवार की दोपहर वह मां के करीब बैठा था। इसी दौरान किसी बात पर उससे झगड़ा करने लगा। अचानक तैश में आकर वह लाठी लेकर बूढ़ी मां पर टूट पड़ा। वह चिल्लाती रही। पड़ोसियों ने आवाज सुनी तो बुजुर्ग महिला के पति पन्नालाल को खबर दी। वह इस समय अपने पुराने मकान में था। उसके पहुंचने तक कृष्णा ने पीट-पीटकर मां को बेजान कर दिया था। पन्नालाल पहुंचा तो कृष्णा मां की लाश के करीब बैठा हुआ था। उसने घर के बाकी सदस्यों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और शव का पंचनामा किया। आरोपी बेटे को घर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 302 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।
पीठ पर उभरे निशानों से झलक रही थी क्रूरता
युवक ने किस बेरहमी से मां की पिटाई की, इसका अंदाजा शरीर पर बने जख्मों को देखकर लगाया जा सकता था। पंचनामे के दौरान पुलिस ने जब शव को देखा तो महिला की पीठ पर चोट के कई गहरे निशान मिले। उसके दोनों पैर व हाथ सूज गए थे। जिसने भी वृद्धा का हाल देखा, उसके क्रूर बेटे को कोसने से खुद को न रोक सका।
हत्या कर बोला, सेवा करते थक गया था
मां की जान लेने और गिरफ्तार होने के बाद भी आरोपी बेटे कृष्णा की सनक खत्म नहीं हुई थी। थाने में उसके चेहरे पर सिकन तक नहीं थी। उसका कहना है कि उसकी मां काम-धाम नहीं करती थी। वह सेवा करते-करते थक चुका था। उसे काम करने के लिए बोला। नहीं मानी तो मार डाला। आरोपी ने इससे पहले भी मां से मार-पीट की थी।
तंग आकर पत्नी चली गई मायके
युवक घर के सदस्यों को परेशान करता था। उसके बड़े भाई सुनील ने यह पुलिस को दिए बयान में बताया है। वह अपनी पत्नी से मार-पीट करता था। तंग आकर वह बच्चों सहित मंझवापारा चली गई थी। आरोपी भी वहीं था। बुधवार रात वहां से लौटा था।
मामले को दबाने की कोशिश की
वृद्धा की जान जा चुकी थी। अब परिजनों ने मामले को दबाने में भलाई समझी। इसके लिए भरपूर कोशिश की। मोहल्ले के लोगों को पता चल गया था, इसलिए सफलता नहीं मिली। किसी ने थाने में खबर कर दी और पुलिस पहुंच गई। इसके बाद हत्या का खुलासा हुआ।