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जर्जर भवन में हो रही पढ़ाई, बारिश हुई तो छुट्टी

7 वर्ष पहले
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मुंगेली. बिलासपुर. अव्यवस्था के बीच ग्राम पंडरभठ्ठा के लगभग एक हजार छात्र-छात्राएं जर्जर स्कूल में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षक न होने, अधूरी बैठक व्यवस्था के बावजूद दो साल से स्कूल का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा है। खेल मैदान में दलदल, अधूरे कमरे, छप्पर वाले भवन के छोटे-छोटे कमरों में एक साथ बैठकर पढ़ पाना दुश्कर है।
गौरव ग्राम पंडरभठ्ठा में 1965 में खपरैल, मिट्टी के गारा से जुड़ाई कर बना भवन आज जर्जर हो गया है। फिर भी पंडरभठ्ठा व आस-पास के विद्यार्थी इस भवन में पढ़ने को मजबूर हैं। 1956 में प्रदेश सरकार ने पंडरभठ्ठा में मिडिल स्कूल स्वीकृत किया, 1965 में यह भवन बनाया गया।
शिक्षक, लिपिक की कमी: इस मिडिल स्कूल में हेडमास्टर के साथ सात वर्ग-2 शिक्षक पंचायत के पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में हेडमास्टर व दो वर्ग-2 शिक्षक पंचायत हैं। इसी तरह हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी स्कूल में प्राचार्य के अलावा 13 वर्ग-1 शिक्षक के पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में प्राचार्य के साथ 7 वर्ग-1 शिक्षक हैं। चार साल से हाई व हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित हैं। पर दर्जनों पद रिक्त हैं। अंग्रेजी में 2 पद, मिडिल स्कूल, हाई व हायर सेकेंडरी में 1-1 पद, विज्ञान मिडिल में 2 हाई व हायर में 1-1 पद, गणित मिडिल में 1 व हाई तथा हायर में 1-1, हिंदी में हाई व हायर सेकेंडरी में 1-1, भूगोल हायर सेकेंडरी में 1-1 व राजनीति/इतिहास के लिए हायर सेकेंडरी में 1 पद रिक्त है। इसी तरह चतुर्थ वर्ग लिपिक के 5 पद व आकस्मिक निधि कर्मचारी (चौकीदार) का एक पद रिक्त है। वर्ग-3 शिक्षाकर्मियों की बदौलत मिडिल, हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित किया जा रहा है।
बारिश हुई तो छुट्‌टी

प्राचार्य एम सिंह व स्थानीय जनप्रतिनिधि जनपद सदस्य प्रफुल्ल शुक्ला ने जर्जर भवन के संबंध में प्रशासन को कई बार अवगत कराया। बताया गया कि समय के साथ स्कूल भवन छोटा पड़ रहा है। छोटे-छोटे कमरों मे 100-100 से अधिक छात्र-छात्राएं साथ बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। कुछ कक्षाओं में बैठने के लिए जगह की कमी होने पर छात्र कमरे के बाहर बरामदे में बैठते हैं। स्कूल के कमरों में दरवाजा नहीं है, पुराना भवन होने से छज्जे खपरैल से ढंके हुए हैं, बरसात में पानी गिरने पर कमरों में बच्चों के बैठने के लिए जगह नहीं होती। जितने दिन तक पानी गिरता है, बच्चों को मजबूरन छुट्टी देनी पड़ती है।

सरपंच की लापरवाही

शासन ने प्राइमरी, मिडिल व हाई स्कूल के लिए तीन प्रधान पाठक कक्ष बनाने के लिए 2011-12 में 11 लाख रुपए स्वीकृत किए। पर सरपंच कीर्तन गर्ग ने काम शुरू कराकर अधूरा छोड़ दिया। स्कूल के मैदान में पानी भरने से हुए दलदल में छात्रों के लिए खेलने की नहीं है। मैदान समतलीकरण व भवन निर्माण में सरपंच लापरवाही कर रहा है।
आंदोलन की चेतावनी

प्राचार्य एम सिंह ने बताया अभावों के बावजूद दो साल से ब्लॉक स्तर पर स्कूल का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा। जनपद सदस्य प्रफुल्ल शुक्ला ने जल्द भवन निर्माण, शिक्षक की कमी पूर्ण करने की मांग की है। साथ ही लेटलतीफी करने पर अभिभावकों व छात्र-छात्राओं के साथ आंदोलन की चेतावनी दी है।
सीधी बात : व्यवस्था सुधारने सीईओ से चर्चा की जाएगी- एनके द्विवेदी, जिला शिक्षा अधिकारी
- स्कूल भवन अधूरा है। काम कब पूरा होगा? छात्र बरामदे में बैठने को मजबूर हैं?

पंडरभठ्ठा के इस स्कूल परिसर के आस-पास 7 एकड़ जमीन भवन के लिए अनुमोदित है। हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल भवन की स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द काम शुरू होगा।
- निर्माण कार्य में विलंब करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई?

प्रधानपाठक कक्ष व अन्य कार्यों में देर करने वाले सरपंच पर कार्रवाई के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखा है। मैदान समतलीकरण के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी से चर्चा की जाएगी।

- स्कूल में शिक्षकों की कमी है? ऐसा क्यों?

स्टाफ की कमी प्रदेश में है, जिले में मिडिल स्कूल के 358 पद व हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल के 5 सौ पद रिक्त हैं। इन पर प्रशासन जल्द ही भर्ती करेगा।