बिलासपुर. शनिवार को पचरीघाट से अरपा नदी में बहे किशोर का दूसरे दिन भी पता नहीं चल सका। नगर सेना के गोताखोरों ने बोट लेकर नदी के दोनों किनारों अौर बीच में जाकर ढूंढ़ा पर पता नहीं चल सका। कतियापारा निवासी वीरेंद्र भाेई का 12 वर्षीय बेटा अंकुश भाेई शनिवार की दोपहर नदी में डूब गया था। वह अपने साथी दीपक देवांगन, छाेटू, पुष्कर शिव व दो अन्य के साथ घूमने निकला था। सभी पचरीघाट पहुंचे। अंकुश व दीपक ने नदी में छलांग लगाई। पानी का बहाव तेज होने से दोनों बहने लगे। दीपक को किसी तरह बाहर निकाल लिया, पर अंकुश बह गया।
नगर सेना के गोताखोरों ने नदी में उसकी तलाश की पर उसका पता नहीं चला। दूसरे दिन भी बोट के सहारे उसको ढूंढ़ा गया। पुलिस ने स्टाॅप डेम का गेट भी खुलवाया। बोट लेकर गोताखोर देवरीखुर्द तक गए। पतासाजी सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलती रही पर सफलता नहीं मिली। इस अभियान में नगर सेना के 10 जवान शामिल थे। उधर, इलाके के केंवट व परिजनों ने भी नदी में अपने स्तर पर खोजबीन की। सोमवार को फिर कवायद की जाएगी।