बिलासपुर. पचरीघाट से अरपा नदी में बहे किशोर का शव 42 घंटे बाद घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर देवरीखुर्द चेकडेम के पास मिला। इसके साथ ही उसके परिजनों की उम्मीदें खत्म हो गईं। माता-पिता को उम्मीद थी कि उनका बेटा जीवित लौटेगा।
कतियापारा निवासी वीरेंद्र भाेई का 12 वर्षीय बेटा अंकुश भाेई दो दिन पहले 20 सितंबर की दोपहर को अरपा नदी में डूब गया था। घटना तब हुई थी, जब वह अपने साथियों के साथ नहाने के लिए पचरीघाट गया था। दो दिनों तक नगरसेना के गोताखोर व मछुआरे उसकी खोजबीन में जुटे रहे, कोई सुराग नहीं मिला था। रविवार को बाेट का सहारा लिया गया था।
तीसरे दिन सोमवार को सुबह करीब 6.30 बजे घटनास्थल से पांच किमी दूर तोरवा क्षेत्र में उसका शव नजर आया। यह देवरीखुर्द के पास नदी में बने चेकडेम के गेट नंबर 6 के पास सतह पर आ गया था। चेकडेम के चौकीदार ने सबसे पहले देखा। उसे घटना की जानकारी थी। परिजनों को सूचना मिली तो वे मौके पर गए और उसकी शिनाख्ती की। तोरवा पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकालकर पोस्टमाॅर्टम करवाया। इधर, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सोमवार को शहर में थे। रात को वे पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी।
रेलवे स्टेशन में ढूंढ़ते रहे
किशोर के परिजनों ने सुबह ही सीएसपी हरीश यादव को शव मिलने की सूचना दे दी थी। उन्होंने तोरवा पुलिस को खबर दी। टीआई सुशीला टेकाम को शायद सुनने में गलती हो गई। वे पुलिस स्टाफ लेकर सीधे रेलवे स्टेशन चली गईं। यहां गेट नंबर 6 पर शव की तलाश शुरू की। इधर पुलिस नहीं पहुंची तो परिजन आक्रोशित होने लगे। करीब 9 बजे उन्होंने फिर सीएसपी को फोन किया। सीएसपी ने उन्हें सुबह से ही तोरवा पुलिस को मौके पर भेजने की जानकारी दी। परिजनों ने तोरवा टीआई को काॅल किया तो असलियत पता चली।