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डाउनलोड करेंबिलासपुर. शहरी सीमा से लगी लोखंडी पंचायत की महिलाएं अहिंसा के दम पर गांव की तस्वीर बदल रहीं हैं। वे चूल्हा-चौका निपटाकर रोज रात को घर से बाहर निकलती हैं। दो से तीन घंटे गांव की चौकसी करतीं हैं। इस बीच कोई शराब पीकर हंगामा करते या फिर संदिग्ध रूप से घूमते दिखा तो हाथ जोड़कर उससे अपनी हरकत बंद करने की गुजारिश करतीं हैं। उनकी विनम्रता अपराधी किस्म के लोगों को भी अपना व्यवहार बदल देने के लिए मजबूर कर देती है। जो अपना व्यवहार नहीं बदल पाते उनकी शिकायत थाने में की जाती है।
शहर से सात किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत लोखंडी है। यह पंचायत नशे के कारोबार के लिए चर्चित है। कुछ महीने से इस गांव की तस्वीर बदल रही है। करीब 5000 की आबादी वाली इस पंचायत की 700 महिलाओं ने अहिंसा की राह चुनकर गांव से नशा और अपराध खत्म करने का बीड़ा उठाया है। इस दल की कमान गांव की देहिन केंवट, राधन और शुकवारा के हाथों में होती है। उनकी शिकायत पर हाल ही में पुलिस ने दो लोगों के घर दबिश देकर कच्ची शराब व गांजा भी जब्त किया है।
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