बिलासपुर। बहुप्रतीक्षित आरएमकेके रोड (रतनपुर, मझवानी, केंदा, केंवची) चौड़ीकरण के लिए पेड़ों की कटाई शुरू हो गई है, लेकिन ढुलाई की रफ्तार धीमी है। अचानकमार टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरने वाले अचानकमार-अमरकंटक रोड को बंद करवाने इस रोड को विकल्प के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसके लिए सालों से लिखा-पढ़ी चल रही थी, लेकिन केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से स्वीकृति नहीं मिलने से काम टलता रहा।
केंद्रीय वन मंत्रालय से स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होते ही वन विभाग ने रोड चौड़ीकरण में बाधक 1486 पेड़ों की कटाई शुरू कर दी है। टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणियों और खासतौर पर बाघों के संरक्षण, संवर्धन की लिहाज से अचानकमार-अमरकंटक रोड को बंद करवाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इस दिशा में वैकल्पिक मार्ग के रूप में आरएमकेके रोड चौड़ीकरण के लिए पेड़ों की कटाई की जानी है। मुख्य वन संरक्षक अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की डिमांड के मुताबिक वन विभाग ने 60 फीसदी पेड़ों की कटाई पूरी कर ली है। अधिकारियों को रोड का काम जल्दी पूरा करवाने कटे हुए पेड़ों की ढुलाई प्राइवेट वाहन लगाकर तेजी से करने के निर्देश दिए गए हैं।