बिलासपुर. आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हैलमेट पहनने वाले भी लापरवाही बरत रहे हैं। आप सोचेंगे भला कैसे... दरअसल, कुछ लोग कार्रवाई के डर से कामचलाऊ हैलमेट लगा रहे हैं। कोई हाॅर्स राइडर वाला तो कोई बिना आईएसआई मॉर्क लोकल हैलमेट सिर पर रख फर्राटे भर रहा है। जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा करना खतरनाक है। इस तरह के हैलमेट जिंदगी नहीं बचा सकते। उधर, पुलिस के पास अमला होने के बाद भी वह लोगों को जागरूक करने अभियान नहीं चला रही है।
हैलमेट की क्वाॅलिटी को लेकर लोग जागरुक नहीं हैं। दुकान या सड़क पर बिकने वाले हैलमेट में से कौन सा बेहतर है इसकी जानकारी उन्हें नहीं। कुछ तो ऐसे हैं जो केवल औपचारिकता के लिए खरीदते हैं। पुलिस ने कहा था कि वह 15 सितंबर के बाद जागरूकता व कार्रवाई की मुहिम छेड़ेगी, लेकिन अब तक इस पर ध्यान नहीं दिया गया। पुलिस इसे भूल चुकी है।
अभियान बंद, हो रही मौतें
- 7 जुलाई- सीपत थाना क्षेत्र में एनटीपीसी के इंजीनियर सुनील कुमार की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। घायल होने पर उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।
- 11 जुलाई- तखतपुर के काठाकोनी में संजय राजपूत (32 वर्ष) ट्रक की चपेट में आ गया। उसे गंभीर चोट लगी। अस्पताल लाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
- 21 जुलाई- कोनी में आईटीआई गेट के पास सेमरताल निवासी सोनू ठाकुर पिता अशोक सिंह 23 वर्ष ट्रक के पहिए के नीचे आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
- 30 जुलाई- सकरी के पास बच्चू सिंह गोड़ (35 वर्ष) बाइक में कोरबा जिले के पाली जा रहा था। मेटाडोर की टक्कर से उसकी मौत हो गई।
- 18 अगस्त- हिर्री के पास सड़क हादसे में ग्राम घुटिया निवासी विजय बरगाह (32 वर्ष) की मौत हो गई।
- 23 अगस्त- हेमू कालानी चौक के पास ट्रक की टक्कर से बाइक सवार जूना बिलासपुर निवासी सच्चू गोड़वानी (55 वर्ष) व गोपाल राव गेडेकर (47 वर्ष) की मौत हो गई।
- 2 सितंबर- नेहरू नगर निवासी प्रकाश राव (22 वर्ष) खूंटाघाट से लौटते समय कोनी सेंदरी के पास वाहन की चपेट में आ गया।
- 13 सितंबर- कोटा क्षेत्र के करगीखुर्द के पास घोड़ामार निवासी सतीश यादव (35 वर्ष) को किसी वाहन ने चपेट में ले लिया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पैसे बचाने के लिए समझौता
पैसे बचाने के लिए लोग लोकल क्वॉलिटी के हैलमेट को अधिक तवज्जो दे रहे हैं, जबकि वे सुरक्षित नहीं हैं। हैलमेट व्यवसायी ने बताया कि आईएसआई मार्क के हैलमेट की तुलना में लोकल माल की खपत दोगुनी है। लोग सोचते हैं ब्रांडेड की कीमत में दो बार लोकल खरीद सकते हैं।
सीधी बात : ठंडा पड़ा, पर बंद नहीं होगा : बीएन मीणा, एसपी बिलासपुर
- हैलमेट जागरूकता अभियान 15 सितंबर के बाद शुरू होने वाला था?
बारिश और त्योहारों के कारण कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया है।
- फिर कब शुरू करेंगे?
अभियान ठंडा पड़ गया, पर बंद नहीं होगा। नवरात्रि बाद पुलिस सख्ती बरतेगी। सभी थानों को निर्देश जारी किए गए हैं। लोग इस दौरान अनिवार्य रूप से हैलमेट खरीद लें।
आगे की स्लाइड में देखें हेलमेट की बेल्ट न बांधने से खुद की और दूसरों की जान को खतरे में डालती हुई तस्वीर...