बिलासपुर। अरपापार जोन-2 के सीवरेज प्रोजेक्ट का लोकार्पण हुए डेढ़ साल बीत चुके हैं, इसके बावजूद इसका कनेक्शन लेने वालों की संख्या तीन हजार से अागे से नहीं बढ़ सकी है। प्रोजेक्ट की क्षमता के अनुसार 10 हजार कनेक्शन किए जा सकते हैं। हद ताे ये है कि हॉस्पिटल, यूनिवर्सिटी, थाने, दफ्तर समेत सरकारी भवन वाले विभागों ने ही सीवरेज का कनेक्शन नहीं लिया है।
अंडरग्राउंड सीवरेज प्रोजेक्ट को आनन-फानन में शुरू करवाने के लिए भले ही जोन-2 में 3 हजार कनेक्शन किए गए, लेकिन इसमें रिहायशी घरों के टायलेट का ही पानी जा रहा है, मल की निकासी के लिए दूसरा पाइप जोड़ा नहीं जा सका है। जोन-2 के सीवरेज प्रोजेक्ट की क्षमता 17 एमएलडी है। इसके अंतर्गत 10 हजार घरों, भवनों से जल-मल की निकासी की जानी है।
बड़ा सवाल यह भी है कि निगम के सीवरेज का कनेक्शन सरकारी महकमोें ने ही नहीं लिए हैं तो आम लोगों में इसका कनेक्शन लेने के प्रति दिलचस्पी कैसे होगी? निगम प्रशासन ने सीवरेज कनेक्शन की संख्या बढ़ाने के लिए हाल ही में सरकारी संस्थाओं का सर्वे करवाया था। इनमें से अधिकांश जगहों पर विभिन्न कारणों से कनेक्शन नहीं दिए जा सकते हैं। जहां कनेक्शन किए जा सकते हैं, उनके लिए 80 से लेकर 800 मीटर लंबाई तक सीवरेज पाइप जोड़ना पड़ेगा, जो काफी खर्चीला साबित होगा।
इन महकमों में सीवरेज के पाइप नहीं लगे हैं
सरकारी कार्यालय, थाना, यूनिवर्सिटी सहित विभिन्न सार्वजनिक संस्थानों ने सीवरेज का कनेक्शन नहीं लिया है। इनकी संख्या 40 से अधिक है। इनमें जिला क्षय नियंत्रण सीपत रोड, सीएमओ दफ्तर, हरिजन, आदिवासी पुलिस थाना, जिला खेल परिसर, निधि भवन कोयला खान भवन निधि संगठन, सरकंडा थाना, आवासीय परिसर पुलिस थाना, नवीन कन्या काॅलेज, राजस्व परीक्षण शाला शामिल है। इसके अलावा पटवारी प्रशिक्षण, चिंगराजपारा स्कूल, नाइट शेल्टर, एग्रीकल्चर काॅलेज, पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी, गर्ल्स स्कूल, आयुर्वेदिक चिकित्सालय नूतन काॅलोनी, चिलिंग प्लांट कोनी, रामकृष्ण आश्रम कोनी, केंद्रीय वीर्य संग्रहालय कोनी, उप संचालक उद्यान, ठाकुर छेदीलाल बैरिस्टर कृषि कॉलेज व अनुसंधान केंद्र शामिल हैं।
कहीं नेटवर्क तो कहीं लेवल की समस्या
निगम के सर्वे के मुताबिक अरपापार के जिन सरकारी दफ्तरों में सीवरेज कनेक्शन की संभावनाएं तलाशी गईं उनमें कई समस्याएं हैं। कई दफ्तरों के आउटलेट नदी की ओर है और लेवल नीचे होने के कारण कनेक्शन नहीं किया जा सकता। इसी तरह कई जगहों पर सीवरेज का नेटवर्क नहीं है। कुछ जगहों पर 80 से लेकर 800 मीटर पाइप जोड़ कर कनेक्शन किया जा सकता है। रोड क्राॅस कर डिवाइडर के पास पाइप जोड़कर कनेक्शन करने का सुझाव दिया गया है। इन पर काम कब, कैसे होगा, यह फिलहाल तय नहीं हो सका है।
नए कनेक्शन के निर्देश दिए हैं
सरकारी विभागों में सीवरेज कनेक्शन के लिए उनका चिह्नांकन किया गया है। टाइम लिमिट की बैठक में इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। जोन-2 के अंतर्गत नए कनेक्शन करने के लिए कहा गया है।''
रानू साहू, कमिश्नर, नगर निगम