भिलाई | देश में राज्य का नाम रोशन करने पीडीएस सिस्टम का दुर्ग-भिलाई में बुरा हाल है। तस्कर पीडीएस सिस्टम का लाखों लीटर केरोसीन ब्लैक मार्केट में निर्धारित दर से तीन गुना दाम में बेच रहे हैं। तस्कर प्रशासन से कितने बेखौफ है उसका अंदाजा इसी से ही लगाया जाता है कि वे काला बाजारी के काम को सुबह 4 से रात 8 बजे तक उस भिलाई-रायपुर मार्ग पर अंजाम दे रहे हैं, जिस पर सचिवालय के आधे से अधिक अधिकारी प्रतिदिन आना-जाना करते हैं।
केरोसीन तस्कर पावरहाउस चौक से से सुबह 4 बजते ही साइकिल पर कैन लटका कर रायपुर के लिए निकल पड़ते हैं। इस काम में लगभग 150 तस्कर सक्रिय हैं जो प्रतिदिन चार से पांच कैन में डेढ़ से दो सौ लीटर केरोसीन लेकर टाटीबंध (रायपुर) की ओर कूच करते हैं।
भास्कर ने लगातार दो दिनों तक उन पर नजर रखी। इस दौरान जो कुछ नजर में आया वह हैरान करने वाला है। तस्करों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के लिए रिपोर्टर ने खुद को ट्रांसपोर्ट मालिक बताते हुए ग्राहक के रूप में अपने को प्रस्तुत किया, ताकि पूछताछ करने पर वे शक भी कर सके।
उन्होंने बताया कि सुबह या एक दिन पहले डिमांड बता दीजिए। केरोसीन आपको रोड पर ही उपलब्ध हो जाएगा। हमने उनसे पूछा कि किसी तरह की परेशानी तो नहीं होगी? बेखौफ होकर बोले- काहे की परेशानी। हमारी सब जगह सेटिंग है। पुलिस में भी और फूड डिपार्टमेंट में भी। आप लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। हमने जब पुलिस से बात की तो जवाब मिला- कोई सेटिंग नहीं। आखिर इन साइकिल वालों से हमें क्या मिलेगा।
नरेंद्र यादव
टीआई कुम्हारी
अल्बर्ट कुजूर
टीआई खुर्सीपार
प्रति गाड़ी 03हजार रोज
मिनिमम 03हजार रोज
मिनिमम 15सौ रोज
मिनिमम 10हजार रोज
48.60 करोड़ का काला कारोबार : डेढ़ सौ तस्कर हर दिन दो सौ लीटर केरोसीन बेच रहे हैं। इस प्रकार साल भर में 10 लाख 95 हजार लीटर राजधानी में खप जाता है, जो कि जिले में केरोसीन के एक महीने का कोटा है। यदि ब्लैक में बिक रहे केरोसीन की दर से ही काले कारोबार का हिसाब लगाया जाए तो सालभर में यह आंकड़ा 48.60 करोड़ के करीब पहुंच जाता है।
ट्रक ड्राइवर नुकसान
ट्रांसपोर्टर घाटे में क्योंकि इन्हें डीजल का बिल ड्राइवर थमाते हैं
ट्रक ड्राइवरों को प्रति लीटर लगभग 20रुपएका फायदा
तस्करों को प्रति लीटर 10-15रुपएका फायदा
डीलर/दुकान संचालक को प्रति लीटर 15-20रुपएका फायदा
सरकारी रेट 65.32
ट्रांसपोर्टर रेट 45-50
तस्कर रेट 30-35
पीडीएस रेट 16
सीधी बात
कार्रवाई करेंगे
^पूर्वमें भी केरोसीन तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जाती रही है। इस बार भी इनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की योजना बनाई जा रही है। सुनीलजैन, एडीएमनोडल अधिकारी दुर्ग
गलत क्या है: सीएसपी
हितग्राहियोंसे दो-दो-तीन-तीन लीटर केरोसीन जमा कर थोड़े अधिक पैसे में केरोसीन बेच रहे हैं तो गलत क्या है। आखिर उनका भी तो घर परिवार है।” नरेन्द्रशर्मा, सीएसपीछावनी भिलाई
1. सेटिंगवाली बात फालतू है। यदि तस्करों का कहना है कि थाने के स्टाफ को पैसा देते हैं तो इसे मैं नहीं मानता।
2.फूडविभाग द्वारा जब-जब कार्रवाई के लिए बल मांगा गया। हमनें मदद की है।
{केरोसीन तस्कर बेलगाम क्यों हैं? {{हां... यह बात तो हैै। समय-समय पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
-पिछली कार्रवाई विभाग ने कब की थी?
- ध्यान तो नहीं हैं, लेकिन एक-दो बार कर चुके हैं।
- फिर भी तस्करी रूक क्यों नहीं रही है?
- कार्रवाई करने के कुछ दिनों तक तो तस्करी बंद रहती है, बाद में फिर चालू कर देते हैं।
-आप के बातों से लगता है कि तस्करी कभी रुकने वाली नहीं है?
- तस्करों की संख्या इतनी अधिक है कि बड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
- तो अभी तक क्या कर रहे हैं?
-विभाग इसकी प्लानिंग बना रही है। जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा।
{तस्कर कहते हैं कि विभाग के साथ सेटिंग है?
-वे अपने को बचाने के लिए दूसरे पर कुछ आरोप लगाते सकते हैं। मुझे इस पर कुछ भी नहीं कहना है। जल्द ही उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर बता दिया जाएगा कि सेटिंग किसे कहते हैं।
अब कार्रवाई करेंगे
हमने पूछे दो सवाल
पीडीएस खाद्य विभाग के अंडर आता है। तथ्यों पर नजर डालें तो आखिरी कार्रवाई 2011 में की थी। तस्करों से हमने पूछा कि खाद्य विभाग से डर नहीं? तो बताया कि ये बिना शिकायत कार्रवाई नहीं करते। अब शिकायत कौन करेगा।
दो दिन की पड़ताल में भास्कर ने कई तस्करों से बात की। जब हमने उनसे पूछा कि रास्ते में तीन थाने पड़ते हैं। डर नहीं लगता क्या? सभी ने एक जैसी बात बताई।
कमाई रोज की कुल फायदा किसको कितना
तस्करी और फायदे की जुगलबंदी ऐसी...
कहा- पुलिस क्यों कार्रवाई करेगी। 500 रुपए हर महीना देते हैं।
खाद्य विभाग चुप क्योंकि कोई शिकायत नहीं
तस्करों ने बताया उनकी पुलिस के साथ सेटिंग
सोसायटियों की संख्या दुर्ग में 19 भिलाई में 85
सरकारी दर अधिकतम 16 रु. ब्लैक मार्केट में रेट 45रुपए
दुर्ग में 92 भिलाई में 414 हॉकर। सभी को महीने में 6सौलीटर केरोसीन का आवंटन
एपीएल-बीपीएल कार्डधारियों की संख्या 6.78लाख
जिले में हर महीने केरोसीन आवंटन 19.92लाखलीटर
केरोसीन का आवंटन, वितरण व्यवस्था और काला खेल
आते समय ये साइकिल इस्तेमाल नहीं करते। वाहन में बैठकर आते हैं। साढ़े बारह बजे तक यह रोज जारी।
तस्करों का दल सुबह साढ़े पांच बजे से रवाना होता है। टाटीबंध तक रोज ये ऐसे ही जाते हैं। खेल रोज होता है।
साइकिल की सवारी पे मत जाइए... ये रोज डेढ़ हजार कमाते हैं...
तस्करों ने बताया कि आप लोगों की उनके साथ सेटिंग है?
तस्कर रोज आपकी आंखों के सामने से गुजरते हैं, कार्रवाई क्यों नहीं करते?
जिनके ये जवाब मिले..
होता है खेल
1. सेटिंगवाली बात बकवास है। थाने में ऐसा काम नहीं होता। हर गलत काम करने वाला पुलिस पर यही आरोप लगाता है।
2.अभीतक मुझे पता नहीं था कि इस तरह की भी कोई तस्करी हो रही है।
कुम्हारी|दुर्ग कीओर से आने वाले ट्रक चालक ने इन्हें रोका और केरोसीन की डिमांड की। मोल-भाव करने पर सौदा 45 रुपए में तय हुआ। तस्कर ने वाहन को सर्विस लेन पर लाने कहा। इसके बाद लगभग 200 लीटर तेल टैंक में डालने में महज 10 मिनट लगे।
री-फिलिंग रोड पर ही
तस्कर छबिलाल अनिल सिंह ने बताया कि वे सुबह 8 बजे तक रायपुर के टाटीबंध पहुंचते हैं। यहां ट्रक वाले पहले ही उनका इंतजार करते खड़े रहते हैं। डिमांड अनुसार केरोसीन देने के बाद बच गया तो वहां स्टोर करने की सुविधा भी है। सारा माल एक ही दिन में खप जाता है।
नहीं बिका तो टाटीबंध में स्टोर मोबाइल से रहते हैं संपर्क मेंसुबह लगभग 5 बजे एक तस्कर कुम्हारी सीमा पर पहुंचता है। यहां सब कुछ सामान्य मिलने पर वह इसकी सूचना बाकी साथियों को देता है। ये सभी 6-8 के समूह में रहते हैं। सभी के पास मोबाइल होता है। जिससे वे एक-दूसरे के संपर्क में लगातार बने रहते हैं। कहीं गड़बड़ नजर आए तो सूचित करते हैं।
हमने ये देखा :
1. सेटिंगजैसे कोई बात नहीं है। अगर थाने के किसी स्टाफ को पैसे दे रहे हैं तो प्रमाण के साथ नाम बताएं कार्रवाई होगी।
2.मेरेथाने पहुंचने तक दो और थाने पड़ते हैं। उन्होंने नहीं की कार्रवाई। इसलिए मैंने भी नहीं की।
इन पर लगाम क्यों नहीं : टाइम: दोपहर12.00 स्थान:खुर्सीपार।
टाइम: सुबह06.30 स्थान:खुर्सीपार।