दंतेवाड़ा। यह नजारा दंतेवाड़ा जिले के आकाशनगर (बैलाडीला) का है। रायपुर से करीब 420 किमी दूर। यहां एनएमडीसी की लौह अयस्क की खदानें हैं। इसे निक्षेप क्रमांक 5 के नाम से जाना जाता है। साल में सिर्फ एक बार आम लोग खदानों में लगी मशीनरी देखने के लिए जा सकते हैं।
विश्वकर्मा जयंती (17 सितंबर) के दिन। जैसे ही अनुमति दी गई, 22 किमी लंबी घाटी में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दस साल पहले तक यहां के कर्मचारी घाटी में ही बने मकानों में रहते थे। रास्ता खतरनाक है, इस कारण इन्हें 22 किमी दूर बचेली में शिफ्ट कर दिया गया। बस्ती का नाम रखा काठमांडू। घाटी में इन दिनों बादलों को एकदम पास से गुजरते देखा जा सकता है।