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अब जिले के सरकारी स्कूलों को भी मिलेगा ग्रेड
जिलेके सभी सरकारी स्कूलों को अब ग्रेड मिलेगा। ‘ए’ से लेकर ‘डी’ तक ग्रेडिंग तय होगी। स्कूल के परिणाम से लेकर गतिविधियों के आधार पर ग्रेड बनेगा। अगर स्कूल का परफार्मेंस बेहतर रहा तो उसे ‘ए’ और ‘बी’ ग्रेड मिलेगा।
वहां के शिक्षकों के प्रमोशन के चांसेस भी बढ़ जाएंगे। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान शिक्षक दिवस गणतंत्र दिवस पर किया जाएगा। वहीं जिन्हें ‘सी’ और ‘डी’ ग्रेड मिलेगा, उनकी कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ज्यादा नहीं, सिर्फ एक साल का समय लेगा। शिक्षा विभाग ने ग्रेडिंग के लिए प्लान तैयार कर लिया है। इसके लिए उच्च अधिकारियों से एप्रूवल भी मिल गया है।प्लान की स्वीकृति मिलते ही शिक्षा विभाग के अफसर मॉनीटरिंग में लग गए हैं। सप्ताह में चार दिन स्कूलों का निरीक्षण हो रहा है। संकुल समन्वयकों के माध्यम से फोन से निगरानी रखी जा रही है। मॉनीटरिंग के बाद जो भी रिपोर्ट अफसर बनाएंगे, वह काफी अहम होगा। क्योंकि इन्हीं रिपोर्ट के आधार पर स्कूलों को ग्रेड मिलेगा।
स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है
^जिले के सभी स्कूलों की ग्रेडिंग होगी। ‘ए’ से लेकर डी ग्रेड तय किए गए हैं। इसके लिए स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही उन्हें ग्रेड मिलेगा। जिन्हें बेस्ट ग्रेड मिलेगा, वहां के शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। डॉ.केडी राव, बीईओ
ए-ग्रेड पाना है तो ये बेहतर करना होगा
{स्कूलोंमें परीक्षा परिणाम बढ़ाना होगा।
{बच्चों की दर्ज संख्या शत्-प्रतिशत रखनी होगी।
{टीचर्स को समय पर स्कूल आना होगा।
{मध्यान्ह भोजन की क्वालिटी बेस्ट देनी होगी।
{खेलकूद में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को भाग लेना होगा।
{विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों में रुचि बढ़ाना होगा।
{योजनाओं का क्रियान्वयन कराना होगा।
ए-ग्रेड स्कूल के शिक्षकों को अवार्ड भी मिलेगा...
पालकों से फीडबैक
जिलेके हरेक सरकारी स्कूलों में महीने के अंतिम शनिवार को पालक एवं प्रबंध समिति की बैठक होगी। बैठक में पालकों से फीडबैक लिए जाएंगे। स्कूल की कमी के बारे में पूछा जाएगा। अच्छा क्या हो रहा है और क्या होना चाहिए? इस पर भी चर्चा होगी। स्कूल की कमियों को दूर करने के लिए पूरी प्लानिंग होगी। डीईओ ने यह आदेश हाल ही में जारी किया है।
स्मार्ट स्कूल भी