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केबल ऑपरेटरों के विवाद में पीस रहे लोग, प्रशासन देख रहा तमाशा
पिछलेएक पखवाड़े से केबल ऑपरेटरों के मध्य चल रहे विवाद से अब लोग परेशान हो गए हैं। तो उन्हें अपना मनपसंद सीरियल देखने को मिल रहा है टीवी पर सारे चैनल चल रहे हैं। रायपुर में सीपीएल मैचों का बड़ा इवेंट चल रहा है, पर केवल इसी की वजह से लोग ये भी नहीं देख पा रहे हैं। इधर केबल ऑपरेटरों का विवाद और बढ़ता जा रहा है। सड़क पर मारपीट तक होने लगी है। चक्का जाम भी होने लगा है। लेकिन आबकारी विभाग केवल टैक्स लेने तक की भूमिका में है। प्रशासन भी मूक दर्शक बना हुआ है।
दो दिन पहले विजय कांप्लेक्स के पास केबल ऑपरेटरों के दो गुट भिड गए। इसके बाद चक्का जाम भी हुआ। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया। गिरफ्तारी अभी किसी की नहीं हुई है। भविष्य में यह विवाद और बढ़ सकता है। क्योंकि मामला अभी सुलझ नही है।
क्याहै मामला
झगड़ासीबीएन और एसीएन के बीच है। सीबीएन पुराना नेटवर्क है और एसीएन उसी से तीन माह पहले अलग हुआ नया नेटवर्क। एसीएन में अधिकतर वे केबल आपरेटर हैं जो इस व्यवयास से 20 साल से जुड़े हुए हैं। उनके सीबीएन से कुछ मतभेद हो गए तो एसीएन नाम से अपना अलग कंट्रोल रूम स्थापित कर लिया। सारे लोकप्रिय चैनलों की सेवाएं भी ले लीं। दोनों एक दूसरे पर कनेक्शन काटने का आरोप लगाते रहे हैं। इस पर सुपेला छावनी थाने में अपराध दर्ज हो चुके हैं।
हमारा काम टैक्स वसूलना
^मैंतो अभी बाहर हूं। हमारा काम तो टैक्स वसूलना है। वैसे आकर देखता हूं ऑपरेटरों में क्या विवाद चल रहा है।” पीएलसाहू, उपआयुक्त, आबकारी विभाग दुर्ग
ऑपरेटर स्वतंत्र रहे
^देखिए,हम तो कोई विवाद नहीं कर रहे हैं। हम पहले जैसे शांति से काम कर रहे थे, अभी भी कर रहे हैं। हम भी चाहते हैं कि सारे ऑपरेटर एक बार मीटिंग कर लें। वे जिस नेटवर्क के साथ रहना चाहें, रहें। उन्हें परेशान किया जाए।” एमसुरेश, सीबीएन
हम विवाद नहीं चाहते
^हमविवाद नहीं चाहते। हम तो शांति से व्यवसाय करना चाहते हैं। सालों से हमारी यही आजीविका है। एक बार सारे आपरेटर बैठक कर लें। यहां दो कंट्रोल रूम भी चलाए जा सकते हैं। जो आपरेटर जिस नेटवर्क के साथ काम करना चाहता है, करे। उसे परेशान किया जाए। यदि प्रशासन चाहे तो अपनी मध्यस्थता में ये विवाद एक दिन में सुलझा सकता है।” अकरमभाई, कोषाध्यक्ष,दुर्ग भिलाई केबल आपरेटर संघ
केकू
ऐसे सुलझ सकता है विवाद
लोगों की