निलंबित शिक्षाकर्मी सहित तीन को जेल
बेरला/नवागढ़ |ब्लॉक एजुकेशनआफिसर बेरला के कार्यालय से नौकरी छोड़ चुके दो शिक्षाकर्मी कमल महिपाल नीता चंद्राकर के खाते में लगातार किए गए फर्जी भुगतान के मामले में मुख्य आरोपी एम सुधाकर राव दोनों शिक्षाकर्मियों को अपराध दर्ज होने के 15 माह बाद बेरला पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया। वहां से तीनों को 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 8 लाख 52 हजार 980 रुपए गबन का मामला दर्ज किया है। बीईओ बेरला के कार्यालय में तत्कालीन बीईओ जीके मरकाम के कार्यकाल में प्राइमरी स्कूल डंगनिया में पदस्थ शिक्षाकर्मी एम सुधाकर राव को बतौर कंप्यूटर ऑपरेटर रखा गया था।
इस बीच साल्हेपुर स्कूल से नौकरी छोड़ चुके शिक्षार्मी कमल महिपाल मरोदा टंकी भिलाई वर्तमान पदस्थापना हाईस्कूल पोटियाडीह बलौदाबाजार एवं खिसोरा मिडिल स्कूल से नौकरी छोड़ चुकी नीता चंद्राकर वर्तमान पदस्थापना चंदनबिहरी हाईस्कूल गुंडरदेही के खाते में बेरला ब्लाक से विदाई के बाद लगभग 14 लाख रुपए फर्जी तरीके से डाले गए। इस मामले की भनक लगते ही दैनिक भास्कर ने खबर प्रकाशित की। इसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा। तत्कालीन डीईओ हेमंत उपाध्याय ने बेरला कार्यालय के दो संबंधित लिपिकों को निलंबित किया। बीईओ ने 23 जून 2013 को न्यू दीपकनगर दुर्ग निवासी डंगनिया के शिक्षाकर्मी एम सुधाकर राव के खिलाफ अपराध दर्ज कराया। मामले का साक्ष्य जुटाने में बेरला पुलिस को एक साल से अधिक समय लगे। आखिरकार गुरुवार को पुलस ने 8 लाख 52 हजार 980 रुपए गबन के मामले में धारा 420, 408, 469, 468, 471, 34 के तहत एम सुधाकर राव कमल महिपाल एवं नीता चंद्राकर को गिरफ्तार किया।
भास्कर से सुधाकर राव ने कहा कि उसे जबरन फंसाया जा रहा है। इस फर्जी भुगतान के संबंध में उसके अलावा बीईओ अन्य स्टाफ को पता था। वह न्यायालय में इस संबंध में पूरी जानकारी देगा। बेरला पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार तीनों आरोपियों को न्यायालय ने 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। बेरला टीआई पी प्रधान ने कहा कि मामले की विवेचना की जा रही है। आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
17 बार निकाले पैसे
सुधाकर राव कंप्यूटर ऑपरेट करने में माहिर है। तत्कालीन बीईओ श्री मरकाम ने उसे काम पर रखा था। विभाग के लोगों को जा