पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सफाई अभियान पहले चलाया होता तो क्यों फैलता डेंगू

सफाई अभियान पहले चलाया होता तो क्यों फैलता डेंगू

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
दुर्ग,भिलाई आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में 15 मरीजों के डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि हो गई है। जिला स्वास्थ्य विभाग के द्वारा डेंगू की जांच के लिए मेकाहारा रायपुर भेजे गए ब्लड सैंपल में से 15 सैंपल पॉजीटिव मिले हैं। आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या और बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस भयावह स्थित से निबटने के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निकाय के अधिकारी अब संयुक्त रूप से अभियान चलाने की बात कह रहे हैं।

जिसमें वे अपनी टीम के साथ घर घर जाकर लोगों के कूलर में जमा पानी की सफाई, जमा पानी में लारवा नष्ट करने के लिए दवाईयों और जला हुए आइल का छिड़काव और डेंगू से बचने के उपाय आदि शामिल हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या ये सभी कार्य डेंगू के फैलने से पहले नहीं किये जा सकते थे। या फिर कुछ लोगों के मरने के बाद ही हरकत में आने की प्रशासन की आदत से बन गई है।

दुर्ग और भिलाई के विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों, बीएसपी सेक्टर 9 हॉस्पिटल और जिला अस्पताल से अब तक 38 मरीजों के सैंपल डेंगू से पीड़ित ने की आशंका के चलते जांच के लिए मेकाहारा रायपुर के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग भेजे गए। जिसमें से अब तक 15 सैंपल की रिपोर्ट पॉजीटिव मिल चूकी है।

सफाई निगम की जवाबदारी है हम तो बीमारों की खोज कर उनका इलाज करवाते हैं

34,325 घरों में सर्वे, 2244 लोगों के ब्लड सेंपल लिए गए

भिलाईके पुरैना, गौतम नगर, जुनवानी, हाउसिंग बोर्ड, जामुल, इंडस्ट्रीयल एरिया, दुर्ग के कातुल बोर्ड, पोटिया कला, कुंदरा पारा आदि क्षेत्र डेंगू प्रभावित क्षेत्र हैं। इस बार डेंगू के ज्यादातर संभावित मरीज इन्हीं क्षेत्रों से हैं। इसलिए इन क्षेत्रों मे प्रमुखता से डेंगू नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम नगरी निकाय की टीम ने साथ मिलकर 34325 घरों का सर्वे किया है। इस दौरान 2244 लोग बुखार से पीड़ित मिले। उनके ब्लड सैंपल की जांच कर 2238 रक्त पट्टी बनाई गई। वहीं लोगों के घरों में लगे 5661 कूलरों का पानी खाली करवाया गया और आसपास जमा पानी में जला हुआ आईल ओर दवाई का छिड़काव भी कराया गया। साथ ही लोगो को पूरा शरीर को ढंकने वाला कपड़ा पहनने, कूलर, फ्लावर पॉट, फिश एक्वेरियम आदि घरेलू वस्तुओं में रखे पानी को बदलते रहने का सुझाव दिया गया। ताकी इनमें डेंगू मच्छर पनपे।

{ अभी डेंगू की क्या स्थिति है।