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युवा जोश जो जिद पर तुला, अनुभव का आसमान जिसने जमीन थाम रखी
नामकविता। उपलब्धि इनकी ये कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर भिलाई का नाम रोशन किया है। इनके खेल की बदौलत ही आज छत्तीसगढ़ बॉस्केट बॉल का चैंपियन बना पाया है। जिसमें इनके कोच राजेश पटेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कविता ने अपनी टीम को कटक में आयोजित जूनियर नेशनल बॉस्केट बॉल में जीत दिलाई वहीं कविता कुमारी ने छत्तीसगढ़ की टीम को नई दिल्ली में इस वर्ष आयोजित नेशनल सीनियर बॉस्केट बॉल चैपिंयनशिप जिताकर रेलवे की दस साल की साख को चकनाचूर कर दिया। इस मैच में 25 पाइंट अर्जित कर कविता कुमारी देश की प्रथम रैंक की खिलाड़ी बन गई है। वहीं कविता को आईएमजी एकेडमी फ्लोरिडा में प्रशिक्षण लेने का मौका मिला है। दोनों अब एशियन टूर्नामेंट के लिए दिल्ली में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
अरुंधती भट्टाचार्य
अरुंधतिभट्टाचार्य। स्टेट बैंक आफ इंडिया की नई चीफ। बहुत ही कम लोगों को ये बात पता होगी कि भारत के सबसे बड़े बैंक की नई मुखिया का बचपन हमारे भिलाई में ही बीता है। वो भी एक कमरे के मकान में। उनके पिता प्रद्युम्न कुमार मुखर्जी भिलाई स्टील प्लांट में थे। उनकी माता कल्याणी मुखर्जी यहां होम्योपेथी कंसलटेंट थीं। ब्लास्ट फर्नेस मेंटेनेंस में रहे असीम ने बताया कि कंस्ट्रक्शन के अफसर पीके मुखर्जी से अक्सर मुलाकात होती थी। बांग्ला भाषी होने की वजह से नजदीकियां थीं। कारखाने में पारिवारिक बातें तो कम होती थीं लेकिन 1958 में ही जब उनके यहां दूसरी बेटी का जन्म हुआ तो उन्होंने सभी के साथ खुशियां बांटी थी। ये दूसरी बेटी ही अरुंधति थीं।
अभिषेक अग्रवाल
नईपीढ़ी के उद्यमी स्तंभकार, वक्ता और लेखक है। 16 जुलाई को 1991 को भिलाई में ही जन्मे अभिषेक ने स्कूली और उच्च शिक्षा यहीं पूरी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे मुंबई चले गए। अभिषेक के दो उपन्यास साॅरी फॉर लविंग यू और दि अनफॉरगेटेबल प्रकाशित हो चुकी है। उनके दोनों उपन्यास को बेहतर रिस्पांस मिला है। कम उम्र के लेखक के रूप में अभिषेक की पहचान बन चुकी है। उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। उनकी पुस्तक एशिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी वागर्थ भारत भ्रमण भोपाल में रखी गई है। वे विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में युवाओं पर फोकस्ड, कॅरियर और सम सामयिक राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लेख लिख रहे हैं।
विश्वेष पुलकित
शहरके पुलकित गोयल और सी. विश्वेष कुमार ऐसे स्टूडेंट्स है, जो एक