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हमने खुद देखा, पूरा ब्लॉक दलालों ने किराए पर दे रखा

7 वर्ष पहले
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भिलाई| एक तरफ बीएसपी प्रबंधन अपने कर्मचारियों के लिए मकानों की कमी से जूझ रहा है। वहीं दूसरी तरफ लगभग डेढ़ हजार मकान इन्फोर्समेंट और अलाटमेंट विभाग की मिलीभगत से दलालों के कब्जे में हैं। इन मकानों का किराया बीएसपी प्रबंधन के खाते में नहीं बल्कि दलालों की जेब में जा रहा है। इनफोर्समेंट घूसकांड के बाद भास्कर की पड़ताल में इस सच का खुलासा हुआ है। अवैध कब्जे के इन मकानों से दलाल एक हजार से पांच हजार रुपए तक की वसूली कर रहे हैं। किराए की इस रकम का बड़ा हिस्सा इन्फोर्समेंट विभाग तक पहुंच रही है। जानकारों की मानंे तो इन दलालों को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ। इसके चलते नगर सेवा विभाग ने कभी कार्रवाई करने की कोशिश भी की तो दबाव के चलते मामला वापस लेना पड़ा।
रविवार को दलाल के माध्यम से कब्जे वाले मकान का 5 हजार रुपए महीने के हिसाब से 15 हजार रुपए की मांग करने वाले इन्फोर्समेंट विभाग के इंस्पेक्टर दुर्गेश राजू के रंगे हाथों सीबीआई के हत्थे चढ़ने के बाद से नगर प्रशासन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। सोमवार की सुबह ड्यूटी पर पहुंचते ही इन्फोर्समेंट विभाग के एजीएम विजय शर्मा ने स्टाफ की बैठक ली। इसमें जरूरी निर्देश दिए। इसके बाद दिनभर इन्फोर्समेंट टीम ने किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की। टीम के ज्यादातर सदस्य दफ्तर में ही बैठकर दिन की ड्यूटी पूरी की। वहीं प्रबंधन की नजर विभाग के उन कर्मियों पर है जिनके खिलाफ दलालों से मिलीभगत कर अवैध वसूली की शिकायत पहले भी मिलती रही है।

खुर्सीपारकैंप एरिया में अवैध कब्जे के एक हजार से ज्यादा मामले
बतायागया कि बीएसपी के करीब एक हजार मकान कब्जे में है। यह समस्या खुर्सीपार कैंप एरिया में सबसे अधिक हैं। यहां तो आधे से अधिक मकान में लोग कब्जा कर लिए हैं। इसी तरह सेक्टर 4 में भी दलालों द्वारा बड़ी संख्या में बीएसपी के मकान अवैध रूप से किराए पर दिए गए हैं। इनमें मनोज सोनी नाम का दलाल प्रमुख है जो 20 से 25 मकानों में कब्जा कर किराए का कारोबार चला रहा है।
मकान खाली पर रिकार्ड में नहीं : सालभर पूर्व सेक्टर 4, सड़क 14, मकान नंबर 15 बी का अलाटी मकान खाली कर दूसरे सेक्टर में शिफ्ट हो गया। लिहाजा बीएसपी के कंप्यूटर में यह मकान खाली दिखाना चाहिए था। लेकिन दलालों के साथ सेटिंग के चलते उस मकान को ब्लॉक कर दिया गया। फिलहाल वह मकान दलाल ने किसी फोर्स के जवान को किराए पर दे दिया। पूरे शहर में इस तरह के लगभग डेढ़ हजार उदाहरण हैं।

इनफोर्समेंट विभाग में दबिश : बीएसपीकर्मी के घूस लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद सीबीआई की टीम ने नगर सेवाएं विभाग के इनफोर्समेंट विभाग में भी दबिश दी। छुट्टी का दिन होने की वजह से विभाग में कोई भी नहीं था। उन्हें फोन कर बुलाया गया। सीबीआई की टीम ने आरोपी बीएसपी कर्मी की आलमारी टेबल में रखे दस्तावेजों की पड़ताल की। टीम के सदस्य अवैध कब्जे के मकानों की सूची और वहां रहने वालों से वसूली जा रही किराए की राशि से संबंधित दस्तावेज तलाश रहे थे।

बीएसपीकर्मी से होगी पूछताछ : घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गए बीएसपी इन्फोर्समेंट विभाग के इंस्पेक्टर दुर्गेश राजू को सोमवार को सीबीआई ने रायपुर कोर्ट में पेश किया। साथ ही पूछताछ के लिए रिमांड पर दिए जाने की मांग की। कोर्ट ने आवेदन को स्वीकार करते हुए आरोपी बीएसपी कर्मी को तीन दिन की रिमांड पर सीबीआई को सौंप दिया। सीबीआई इंस्पेक्टर संदीप गौतम ने बताया कि पूछताछ के बाद एक अक्टूबर को बीएसपी कर्मी को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इन्फोर्समेंट विभाग के कर्मियों की कारगुजारियां पहले से ही सबको मालूम थी। अभी भी सीबीआई ने जिसे पकड़ा है वह तो नेक्सस की महज एक कड़ी है। सीबीआई को बाकी जिम्मेदारों को भी पकड़ना चाहिए।'' राजेश अग्रवाल, कार्यकारी महासचिव इ. श्रमिकमंच ।
हम भ्रष्टाचार का विरोध करते हैं। प्रबंधन से मांग करते हैं कि इन्फोर्समेंट विभाग में दुर्गेश राजू की तरह और भी कर्मचारी हैं, उनकी पहचान की जाए। साथ ही इनफोर्समेंट डिपार्टमेंट का पुनर्गठन किया जाए।'' एसपीडे, अध्यक्ष,सीटू ।
इन्फोर्समेंट विभाग के कर्मी का घूस लेते रंगे हाथों पकड़े जाने की घटना से विजिलेंस विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। इन्फोर्समेंट टीम के सदस्यों की समय-समय पर कई शिकायतें विजिलेंस में की गई लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।'' निर्मल मिश्रा उपमहासचिव, इंटक।

कांस्टेबल ने स्वीकारा दलाल ने दिलाया घर : सेक्टर4 में ही ईएमआर सड़क में ब्लॉक 23-जी में रह रहे सीआईएसएफ के कांस्टेबल डीएल यादव ने बताया कि डेढ़ महीने पहले ही मनोज सोनी नाम के युवक ने मकान किराए पर दिलवाया है। इसके एवज में हर महीने उसे साढ़े तीन हजार रुपए किराया दे रहे हैं। एनएसपीसीएल का प्लांट परेड ग्राउंड नजदीक होने के कारण यह मकान किराए से लेना पड़ा। मनोज सोनी ने उन्हें मकान किसी राजकुमार के नाम से अलाट होने की जानकारी दी है।
प्रबंधन को आवेदन.. इधर दलाल सक्रिय : दलालों की बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग में कितनी जबर्दस्त पकड़ है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सेक्टर 4, स्ट्रीट नंबर 17 में मकान में बीएसपी कर्मी आरके साहू ने मकान सरेंडर के लिए अलाटमेंट ऑफिस में महज आवेदन ही किया था। इसके बाद सेक्टर के तमाम दलाल सक्रिय हो गए। यह देख बीएसपी कर्मी भी हैरान हो गया कि आवेदन को अलाटमेंट विभाग में दिया था। इसकी जानकारी दलालों को कैसे हो गई।

सेक्टर-4 में ही क्वार्टर नंबर 23 पर भी दलालों का कब्जा है। रहवासी ने बताया किराया बीएसपी को नहीं देते।

सेक्टर-4 में सड़क 14। ब्लाक 15 के मकानों पर दलालों का कब्जा है। किराया दलाल ही वसूलते हैं।