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हर कॉलेज में हो वोकेशनल कोर्स, ताकि जल्दी मिले नौकरी
उच्चशिक्षा में बदलाव के लिए साइंस कॉलेज दुर्ग के प्रोफेसरों ने शुक्रवार को अपना फीडबैक दिया। प्रोफेसरों ने 24 बिंदुओं पर अपनी राय दी है, जिसमें वे सिलेबस से लेकर वैल्यू एजुकेशन, एडमिशन प्रक्रिया खुद की ड्यूटी में बदलाव चाहते हैं। कॉलेज के 102 प्रोफेसरों ने शुक्रवार को लिखित में सुझाव देते हुए कहा कि, हर कॉलेज में वोकेशनल कोर्स संचालित हो। ताकि मौजूदा बेरोजगारी की समस्या को दूर किया जा सके। वर्तमान में कुछ गिने-चुने कॉलेजों में ही ऐसे काेर्स है। इसे सभी कॉलेजों में लागू कर देना चाहिए। इसके अलावा छात्र ऐसे कोर्स की पढ़ाई करे, जिससे उन्हें जल्दी नौकरी मिले।
{कॉलेजों में एडमिशन से पहले एंट्रेंस एग्जाम हो। अभी: मेरिटलिस्ट के आधार पर दाखिला होता है।
{वैल्यू एजुकेशन का समावेश सभी पाठ्यक्रमों में होना चाहिए। अभी: वैल्यूएजुकेशन सिलेबस में नहीं है। इससे शामिल होने से छात्रों को बड़ों गुरू जनों का सम्मान के बारे में पढ़ाया जाएगा।
{प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुसार सिलेबस हो। अभी: प्रतियोगीपरीक्षा और कक्षाओं का सिलेबस अलग-अलग है।
{कॉलेज के प्रोफेसरों की ड्यूटी चुनाव में लगे। अभी: हरेकचुनाव प्रक्रिया से लेकर मतगणना में ड्यूटी लगती है।
{कॉमर्स में थ्योरी के अलावा प्रैक्टिकल को भी अनिवार्य किया जाए। अभी: कॉमर्सके स्टूडेंट्स बैंकिंग लेनदेन के अलावा अन्य काम में पिछड़ जाते हैं।
{सभी प्रदेश में उच्च स्तरीय शोध केंद्र हो। अभी: प्रमुखविषयों के स्टूडेंट्स को शोध के लिए बाहर जाना पड़ता है।
{शिक्षा का व्यवसायिकरण बंद होना चाहिए। अभी: प्राइवेटकॉलेजों में मनमानी फीस वसूली जाती है। कई इसे बिजनेस मानकर चलते हैं।
{पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम का पैटर्न बदला जाए। अभी: पीएचडीकरने के लिए विभिन्न कोर्स परीक्षा देनी पड़ती है।
{हरेक कॉलेजों में शार्ट टर्म कोर्स शुरू हो। अभी: प्रमुखकॉलेजों में ही शार्ट टर्म कोर्स संचालित हो रहे हैं।
प्रोफेसर चाहते हैं पैटर्न में ये बदलाव
आज पैरेंट्स मीडिया से लेंगे फीडबैक
कॉलेजके प्राचार्य डॉ. सुशीलचंद्र तिवारी ने बताया कि शनिवार को उच्च शिक्षा में बदलाव के लिए स्टूडेंट्स के पैरेंट्स शहर के वरिष्ठ पत्रकारों से फीडबैक लिया जाएगा। दोपहर 12 बजे कॉलेज के सभागार में उनकी कार्यशाला होगी। जिसमें वे अपनी राय देंगे। इसके अलावा जिले के प्रमुख उद्योगपतिय