नहीं बढ़ेगी प्राइवेट स्कूलों की फीस
ट्विनसिटीके स्कूली बच्चों के पैरेंट्स के लिए राहत की खबर है। इस साल प्राइवेट स्कूल की फीस नहीं बढ़ेगी। स्कूल प्रबंधन भी फीस बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। इसलिए एक भी स्कूलों ने अब तक शिक्षा विभाग को फीस बढ़ाने के संदर्भ में आवेदन नहीं किया है। इस लिहाज से माना जा रहा है कि सत्र 2015-16 की फीस नहीं बढ़ेगी। विभाग के अफसर भी इसे स्वीकार कर रहे हैं। अफसर भी फीस नहीं बढ़ाने के लिए स्कूलों को निर्देशित कर रहे हैं।
फरवरी के प्रथम सप्ताह तक स्कूलों ने आवेदन नहीं किया। अब सत्र शुरू होने के बाद फीस बढ़ाए जाने पर विचार नहीं होगा।
फीस बढ़ने की संभावना कम है...
^फीसके संबंध में स्कूलों ने आवेदन नहीं किया है। स्कूल खुलने से पहले उन्हें ये सब प्रक्रिया पूरी कर लेनी थी। फीस बढ़ने की संभावना कम है।\\\'\\\' एएनबंजारा, डीईओ, दुर्ग
पैरेंट्स से बिना पूछे नहीं बढ़ा सकते फीस
फीसवृद्धि को लेकर प्राइवेट स्कूलों के लिए एक और नियम है। प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ाने के संदर्भ में बच्चों के पैरेंट्स से सुझाव मांगेंगे। इसके लिए पालक संघ की बैठक होगी। बकायदा अधिसूचित फीस होगी। जिसे डीईओ एप्रूवल करेंगे।
विरोध : पिछले बार बढ़ा था, तब विवादों में आए
सत्र2014-15 में दुर्ग-भिलाई के आधा दर्जन बड़े प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ी थी। तब वे विवादों में गए। पालकों का कहना था कि फीस बढ़ाने के लिए स्कूल प्रबंधन ने अपनी मनमर्जी की है। दुर्ग-भिलाई पालक संघ ने इसकी शिकायत भी की थी। अब तक रिपोर्ट नहीं आई।
आदेश : 10 फीसदी से ज्यादा नहीं बढ़ा सकते
प्राइवेटस्कूलों में 10 फीसदी से ज्यादा फीस नहीं बढ़ाई जा सकती है। वह भी युक्तियुक्त कारण के लिए। यानी कि स्कूल प्रबंधन को बताना होगा कि, फीस क्यों बढ़ा रहे हैं? आखिर ऐसी क्या बात है, जिसकी वजह से सत्र की फीस बढ़ाई जा रही है।
नियम: हर साल नहीं बढ़ा सकते फीस
अफसरोंकी माने तो कोई भी प्राइवेट स्कूल में फीस की बढ़ोतरी हर साल नहीं होगी। तीन या चार साल के अंतराल में ही फीस बढ़ा सकते हैं। अगर फीस बढ़ाने की ज्यादा ही जरूरत रही तो इस पर फैसला लिया जा सकता है। स्कूलों को नो-प्रॉफिट, नो-लॉस पर स्कूल चलाना है।
राहत की खबर