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प्रबंधन नहीं दे रहा भाव सेफी ओए में नाराजगी
सेल के अफसरों से जुड़े संगठनों का प्रबंधन भाव नहीं दे रहा। संगठनों द्वारा लंबित मांगों को लेकर प्रबंधन से कई बार गुहार लगाने के बाद भी उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुई हुआ है। लिहाजा संगठन पदाधिकारी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है। जिस पर अंतिम निर्णय सेफी के इंटर्नल कमेटी की दिल्ली में 7 अक्टूबर को आयोजित बैठक में लिया जाएगा।
सेल अफसरों का पीआरपी, एंट्री लेवल पेंशन स्कीम, एचआर जैसे कई मुद्दों का निराकरण होना है। इसके लिए चाहे ओए हो या सेफी। इनके पदाधिकारी हर महीने दो महीने में प्रबंधन के साथ बैठक कर इन मांगों पर निर्णय के लिए प्रबंधन पर दबाव बनाते रहे हैं बावजूद इन मांगों का निराकरण नहीं हुआ है। प्रत्येक बैठक में प्रबंधन की ओर से मामले को प्रक्रिया में बताकर जल्द निराकरण का आश्वासन दिया जाता रहा है। अफसरों में नाराजगी इस बात को लेकर है कि जब प्रोडक्शन प्रॉफिट लक्ष्य मुताबिक दिया जा रहा है तो सुविधा देने को लेकर प्रबंधन इतनी कंजूसी क्यों बरत रहा है। इससे अफसर सेल प्रबंधन से बेहद खफा है। इंटर्नल कमेटी की बैठक में अब सेफी के प्रतिनिधि प्रबंधन से दो टूक निर्णायक चर्चा करने के मू्ड में हैं।
^सेल अफसरों से जुड़ी कई मांगंे महीनों से लंबित है। जिन पर प्रबंधन निर्णय लेगा। अब तक जितनी भी बैठकें हुई प्रबंधन से केवल आश्वासन ही मिला। पदाधिकारियों में नाराजगी है। सात अक्टूबर को दिल्ली में सेल की इंटर्नल कमेटी की बैठक में प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।^ केकेयादव, महासचिव,ओए
दिल्ली में बनेगी रणनीति
ये है पेंडिंग मांगें
{वर्ष2012-13 का पीआरपी अफसरों को अब तक नहीं मिला है। हालांकि जुलाई में प्रबंधन ने इसकी घोषणा की लेकिन सी ग्रेड से रिकवरी का आदेश होने की वजह से सेफी और ओए ने इसका विरोध कर दिया। तब से मामला विचाराधीन है।
{पेंशन स्कीम सात साल से अटका हुआ है। प्रबंधन ने दिसंबर तक माड्यूलिटी तैयार करने की बात कही है। इसके बाद भी स्कीम को लागू होने में समय है। क्योंकि माड्यूल तैयार होने के बाद उसे बोर्ड में भेजा जाएगा। यहां मंजूरी मिलने पर प्रस्ताव को मंत्रालय भेजा जाएगा।
{एंट्री लेवल ई-1 ई-2 का बेसिक बढ़ाने की मांग की गई है। क्योंकि वेज रिवीजन बाद इन ग्रेड के कर्मियों का वेतन कर्मियों से भी कम हो गया है। वहीं प्रमोशन बाद जो कर्मी अफसर