दुर्ग-भिलाई. सड़क पर बैठे मवेशियों के कारण शुक्रवार को युवक की मौत हो गई। शहर में अब तक की यह दूसरी मौत है। घटना गुरुवार दोपहर साढ़े चार बजे की है। सुमित छाबड़ा अपने साथी रोहित प्रधान के साथ रायपुर से डोंगरगढ़ जा रहे थे। तभी सुपेला थाने के पास गुरुवार शाम साढ़े चार बजे हादसा हुआ।
दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक युवक की मौत शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान हो गई। मृतक शंकरनगर रायपुर निवासी 18 वर्षीय सुमीत छाबड़ा है। वह पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा के नाती भी था।
इससे पहले भी भिलाई में मवेशी के चक्कर में हादसा हो चुका है। इसमें जोन-2 के मुमताज अली की मौत हुई थी। इसके बाद भी दुर्ग और भिलाई नगर निगम कार्रवाई के लिए ध्यान नहीं दे रहा है। दुर्ग कमिश्नर एस के सुंदरानी कह रहे हैं कि स्थिति में बदलाव आया है। सब कुछ नियंत्रण में है। अब देखना यह है कि कलेक्टर का सख्त निर्देश आगे क्या रंग लाने वाला है।
हम अपना काम कर रहे हैं। सब नियंत्रण में है।\\'\\' एसके सुंदरानी, दुर्गनिगम कमिश्नर
11 सितंबर को प्रकािशत खबर।
मवेशियों के कारण पोते की मौत हो गई। पता नहीं प्रशासन अब और कितनी मौतें होने का इंतजार कर रहा है। प्रशासन कुछ करे ताकि दोबारा ये हो।\\'\\' कुलदीपजुनेजा, रायपुरके पूर्व विधायक मृतक सुमीत के रिश्तेदार
अब सड़क पर मवेशी दिखे तो एफआईआर
{ मवेशी के कारण फिर एक की मौत हो गई, कब कार्रवाई होगी?
{{ हम सड़क से मवेशी हटाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। कोई जादू की छड़ी तो नहीं है, जो घुमाते ही सब ठीक हो जाए।
{ कहीं पर भी मवेशियों के खिलाफ अभियान नहीं दिख रहा है?
{{ मवेशियों को कांजी हाउस में डाला जा रहा है। एक साथ पूरा तो डाल नहीं सकते।
{ पिछले बार भी आपने ऐसा ही कहा था, कोई असर नहीं हुआ? {{ कार्रवाई कर रहे हैं। अगर मवेशी रखने के लिए जगह नहीं है तो नहीं पालना चाहिए।
{अब आगे क्या कार्रवाई करेंगे? {{ मैं अपील करती हूं कि मवेशियों को सड़क पर छोड़े। अब सड़क पर मवेशी दिखा तो उसके मालिक के खिलाफ सीधे एफआईआर होगी।
जिला प्रशासन
>10 सितंबर को अफसरों ने कहा था कि कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाएगा।
> 16 सितंबर को कलेक्टर आर शंगीता ने टीएल की मीटिंग में दोनों निगम आयुक्त के प्रतिनिधियों को कहा था कि कुछ भी करो, लेकिन मवेशी सड़क से हटाओ।
स्टेटस: अभियानसिर्फ खानापूर्ति वाली। दोनों निगम के प्रतिनिधियों ने प्लान तक नहीं बनाया। कलेक्टर ने कांजी हाउस के लिए जगह ढूंढने की बात कही थी, वह भी ढूंढ नहीं पाए।