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पेंशन स्कीम मंे प्रबंधन 6 फीसदी देगा योगदान
सेलने कर्मियों का भी पेंशन फार्मूला तैयार कर लिया है। जिसमें प्रबंधन की ओर से दिए जाने वाला योगदान अफसरों की अपेक्षा कम रखा गया है। 9 फरवरी को प्रबंधन एनजेसीएस की बैठक में इसका प्रेजेंटेशन करेगी।
एनजेसीएस की बैठक में प्रस्ताव पर सदस्य यूनियनों ने सहमति दे दी तो प्रबंधन इसे मंजूरी के लिए सेल बोर्ड भेजेगा। बताया गया कि सेल ने प्रस्ताव तैयार करते समय डीपीई की गाइड लाइन के तहत कर्मियों के वेतन सहित तमाम फंडों की 30 प्रतिशत राशि सुपर एन्योलेशन बेनीफिट में रखी जाएगी। जिसमें सीपीएफ का 12 प्रतिशत, ग्रेज्युटी का 4.81 प्रतिशत, पोस्ट रिटायरमेंट बेनीफिट स्कीम (पीआरएमबीएस) का 4.26 प्रतिशत रहेगा। वहीं मैनेजमेंट की ओर से 6 प्रतिशत योगदान दिया जाएगा। जबकि अफसरों के लिए तैयार किए गए पेंशन फार्मूला में प्रबंधन ने 9 प्रतिशत योगदान देने का प्रस्ताव रखा है।
वहीं एक्चुरियल वेल्युएशन परिवर्तनशील रहेगा। प्रबंधन का खर्च अधिक होने पर कम कम होने पर एक्चुरियल वेल्युएशन अधिक होगा। कर्मियों की ओर से पेंशन में दिया जाने वाला स्वैच्छिक योगदान उनकी इच्छा पर छोड़ दिया गया है। हालांकि योगदान प्रबंधन के कंट्रीब्यूशन से अधिक नहीं होगा।
9 को एनजेसीएस की होने वाली बैठक में प्रेजेंटेशन
पेंशनफार्मूले पर 9 फरवरी को एनजेसीएस की होने वाली बैठक में निर्णय लिया जाएगा। इस दिन दासा सहित विभिन्न मसलों पर चर्चा के लिए एनजेसीएस की बैठक रखी गई है। इसमें सदस्य यूनियनों के समक्ष पेंशन फार्मूले का प्रेजेंटेशन होगा।
फार्मूले में ये हो सकते हैं एन्युटि प्रोवाइडर्स
पेंशनफार्मूले में प्रबंधन ने एन्युटि के लिए जिन कंपनियों का प्रस्ताव रखा है, इनमें एलआईसी, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, एचडीएफसी स्टैंडर्ड इंश्योरेंस, बजाज ऑलियांज इंश्योरेंस, रिलायंस लाइफ इंडिया स्टार यूनियन लाइफ इंश्योरेंस शामिल है।
रिटायर्ड कर्मियों को होगी निराशा
पेंशनफार्मूले को सदस्य यूनियनों की सहमति मिल गई तो आगे की प्रक्रिया पूरी होने पर एक जनवरी 2012 से इसे लागू किया जाएगा। हालांकि इसमें भी अफसरों की तरह रिटायर्ड कर्मियों को भी निराशा का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि प्रस्ताव में एक लाख से कम कारपस (विभिन्न फंडों की कुल जमा राशि) होने पर पेंशन नहीं दिए जाने की योजना है।
जितनी सर्विस, उतना अधिक मिलेगा पेंशन
प्रस्तावके मुताबिक जिस कर्मी की सेवा अधिक होगी उसे रिटायर होने के बाद पेंशन का लाभ अधिक होगा। क्योंकि लंबे अवधि में विभिन्न फंडों की राशि भी अपेक्षाकृत अधिक होगी। वहीं कर्मियों के कंपनी बदलने पर पेंशन की यही स्कीम लागू होने पर ही कर्मियों को उसका लाभ मिलेगा। अन्यथा कर्मियों को उनके योगदान की राशि लौटा दी जाएगी।
पेंशन का ये है गणित
जमाराशि पेंशन-1 पेंशन-2
2.5 लाख 1491.67 1960.42
5 लाख 3008.33 3945.83
7.5 लाख 4537.25 5937.50
10 लाख 6050.00 7925.00