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स्कूल में यूनिफॉर्म किताब बेचने पर होगी कार्रवाई
प्राइवेटस्कूलों के कैंपस में यूनिफॉर्म, किताब या अन्य कोई सामाग्री नहीं बेच सकेंगे। अगर कोई भी स्कूल या व्यक्ति ऐसा करते पाया गया तो उसके खिलाफ शिक्षा विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। स्कूल की मान्यता को लेकर भी कार्रवाई की जा सकती है। बच्चों की सामाग्री बाजार में ही मिलेगी। सत्र शुरू होने के बाद इसकी जांच भी की जाएगी।
यह निर्देश शनिवार को डीईओ एएन बंजारा ने आरटीई की गाइड लाइन समझाते हुए जिले के प्राचार्यों को दिए। बैठक में डीईओ ने स्पष्ट कहा कि, सीजी बोर्ड के स्कूलों में किसी भी स्थिति में सीबीएसई की पुस्तकें नहीं चलेगी। अक्सर बड़े प्राइवेट स्कूल करते हैं, जिनकी मान्यता सीबी बोर्ड की होती है और वे सीबीएसई की किताब के लिए दबाव बनाते हैं।
सत्र शुरू होने से पहले आरटीई की गाइड लाइन के संबंध में शनिवार को दुर्ग के मल्टीपर्पस स्कूल में बैठक रखी गई। बैठक में जिले भर के नोडल स्कूलों के प्राचार्य शामिल हुए। बैठक में डीईओ ने यह भी कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रारंभिक कक्षा के 25 फीसदी सीट इस कार्यालय के आदेश तक आरक्षित रखा जाए। ताकि गरीब परिवार के बच्चों को प्राइवेट स्कूल में एडमिशन मिले।
स्कूलमें पालक संघ का गठन होगा : सभीप्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत पालक संघ का गठन होगा। संघ में बच्चों के पैरेंट्स शामिल होंगे। यह सत्र शुरू होने के बाद गठित होगा। पालक संघ स्कूल के गतिविधियों पर नजर रखेगा। वहीं स्कूल की फीस वृद्धि या अन्य मामलों पर संघ का हस्तक्षेप हो सकता है। इसलिए डीईओ ने इसे अनिवार्य रूप से गठन करने के लिए कहा है।
प्राइवेट स्कूल सीट का स्टेटस वेबसाइट
आरटीईके तहत 446 प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों को एडमिशन मिलेगा। इसके लिए उन्हें 25 फीसदी सीट आरक्षित करनी होगी। जिसका स्टेटस स्कूल प्रबंधन अपने वेबसाइट पर प्रदर्शित करेगा। जैसे-जैसे रिक्त सीटों में एडमिशन होंगे, उसे अपडेट किया जाएगा। यह काम सभी स्कूलों को करना है। डीईओ बंजारा ने इसे सख्ती से पालन करने के लिए कहा है।
स्कूल बसों की फिर से फिटनेस टेस्ट
सुप्रीमकोर्ट के निर्देशानुसार सभी प्राइवेट स्कूलों की बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए। इसे लेकर पिछले साल आरटीओ ने अभियान चलाया था, जिसमें ज्यादातर बसों में कैमरे नहीं मिले। जिसके खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। शनिवार को हुई बैठक में डीईओ एएन बंजारा ने स्कूल बसों की फिटनेस जांच को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फिटनेस जांच के बाद ही बसों का संचालन होगा।
शनिवार को जिला पंचायत में डीईओ बंजारा ने सभी नोडल प्राचार्यों की बैठक ली। जिसमें उन्होंने सख्त निर्देश दिए।
बैठक में ये निर्देश भी दिए
{स्कूलोंकी फीस नियमानुसार अधिसूचित हो। इसकी जानकारी पैरेंट्स को दी जाए।{सभी स्कूलों में आरटीई का पालन कड़ाई से हो। {एडमिशन के लिए आवेदन नोडल स्कूल के प्राचार्य को करे। {सभी स्कूलों में छग पाठ्यपुस्तक निगम अथवा एनसीईआरटी की किताब का प्रचलन हो। {स्कूल में काउंसलर की नियुक्ति करें। काउंसलर स्कूल के वरिष्ठ व्याख्याता शिक्षक बन सकते हैं।