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28 से शुरू होगा यूएवी का नंदिनी बेस कैंप

6 वर्ष पहले
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नंदिनीबेस कैंप से प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए यूएवी जल्द उड़ान भरने लग जाएंगे। कैंप में 28 फरवरी से गतिविधियां संचालित होने लग जाएंगी। शुरूआत दो यूएवी से की जाएगी। बाद में 10 और यूएवी मंगाए जाएंगे।

2012 में बीएसपी के नंदिनी एयरपोर्ट की 210 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने के बाद नेशनल टेक्निकल रिसर्च आर्गनाइजेशन (एनटीआरओ) ने 26 करोड़ की लागत से बेस कैंप का निर्माण किया। यूएवी उड़ाने के लिए रनवे की लंबाई बढ़ाई गई। वहीं कैंप की सुरक्षा के भी कड़े उपाय किए गए हैं। परिसर को निगरानी में रखने के लिए कैंप के चारो ओर 10 वाच टावर स्थापित किए गए हैं। वहीं बाउंड्रीवाल फांद कर कोई अंदर सके इसके लिए दीवार पर कंसर्टीना तार लगाई गई है।

2007से हो रहा इस्तेमाल

छत्तीसगढ़में नक्सली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 2007 से यूएवी का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिन यूएवी का इस्तेमाल किया जा रहा है वे इजराइल निर्मित हैं।

इनमें सिंथेटिक अपर्चर लगे हैं जो धुंध बादलों के बीच भी घने जंगल में नक्सली गतिविधियों को देखा जा सकता है। साथ ही इसमें लगा माइक्रो फोन इतना पावरफुल है कि कई सौ फीट नीचे हो रही बातचीत को आसानी से रिकार्ड कर लेता है। मई 2012 में कलेक्टर अलेक्स पाल मेनन को पकड़ने में यूएवी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। जिसने कलेक्टर नक्सलियों को लोकेट करने के साथ ही बातचीत को रिकार्ड किया था।

बेगमपेठ से हो रहा संचालन

फिलहालप्रदेश में नक्सली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए यूएवी बेगमपेठ (आंध्र प्रदेश) एयरपोर्ट से उड़ान भर रही है। जिसकी दूरी करीब एक हजार किमी है। लंबी दूरी की वजह से यूएवी का संचालन किए जाने से अपेक्षित नतीजे नहीं मिल पा रहे। यूएवी को प्रभावित क्षेत्र में नजर रखने में जितना ईंधन लग रहा है, उससे अधिक उसके बेगमपेठ एयरपोर्ट आने-जाने में ही खर्च हो रहा है। इसे देखते हुए राज्य सरकार की पहल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नंदिनी में एनटीआरओ का बेस कैंप स्थापित करने का निर्णय लिया।

कम खर्च में बेहतर नतीजे

नंदिनीएयरोड्रम से यूएवी के उड़ान भरने पर खर्च अपेक्षाकृत कम होगा। साथ ही कम समय में वह अपने लक्ष्य में पहुंच कर नतीजे देने लगेगा। वहीं भिलाई में बेस होने से नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनात पैरा मिलिट्री फोर्स के अफसर स्टेट पुलिस को भी नक्सली गतिविधियों की पल-पल की खबर मिलती रहेगी।