रावघाट के लिए अप्रैल से चलेगी ट्रैन
राजहरासे गुदुम तक ट्रेन से जाने वाले यात्रियों को अप्रैल का इंतजार करना होगा। आरवीएनएल चार महीने में महज 6 किमी तक की ट्रैक तैयार कर पाया है। 11 किमी पटरी बिछाने का काम होना बाकी है। जिसे पूरा करने के लिए रेलवे ने 31 मार्च तक समय निर्धारित कर रखा है।
रावघाट रेल प्रोजेक्ट के पहले फेज में राजहरा से रावघाट तक 95 किमी तक रेल लाइन तैयार किए जाने की योजना है। नक्सलियों के विरोध के चलते योजना को रिवाइज्ड किया गया। रेलवे फिलहाल राजहरा से गुदुम तक ट्रैक को तैयार करने में जुटा हुआ है।
ट्रायल के बाद चलाई जाएगी ट्रेन
ट्रैकतैयार होने के बाद इसका परीक्षण किया जाएगा। बताया गया कि इस काम में करीब 15 दिन लगेंगे। परीक्षण सफल होने के बाद ही पैसेंजर ट्रेन चलाया जाएगा। पहले ही एक ही ट्रेन चलेगी। जो ट्रेन सुबह राजहरा से गुदुम जाएगी।
केवटी ट्रैक के लिए टेंडर प्रक्रिया में
इधरगुदुम से केवटी तक 24 किमी रेल लाइन का बंद काम एक बार फिर शुरू करने की आरवीएनएल ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए टेंडर बुलाया जा रहा है। यह काम पूर्व में जिस कंपनी ने लिया था, नक्सलियों की धमकी के बाद वह काम बंद कर दिया था। रूट में 52 पुल बनाए जाने हैं। जिसमें से 24 पुलों का निर्माण अधूरे हालत में है। सेकंड फेज में केवटी से भानुप्रतापपुर तक रेलवे लाइन तैयार करने के लिए 1045 करोड़ रुपए वित्तीय स्वीकृति के बाद भी शुरू नहीं किया जा सका है।
मार्च तक पटरी बिछाने का काम पूरा हो जाएगा
^राजहरासे गुदुम तक पटरी बिछाने का काम जारी है। जिसे मार्च में पूरा करने का लक्ष्य है। सब कुछ तयशुदा शेड्यूल के हिसाब से हुआ तो अप्रैल से पैसेंजर ट्रेन चलना शुरू कर दिया जाएगा। राजीवसक्सेना, डीआरएम, रायपुर
ट्रैक बिछाने पहाड़ी की कटाई शुरू
मार्चतक ट्रैक का काम पूरा करने में दल्ली के पास की पहाड़ी आरवीएनएल के लिए सबसे बड़ी समस्या है। करीब एक किमी तक पहाड़ी की कटाई कर ट्रैक बिछाया जाना है। रेलवे के प्रेशर बनाते ही निर्माण एजेंसी मेहरोत्रा भी हरकत में गई है। कंपनी ने अधिक संख्या में मजदूर लगा दिए हैं ताकि समय पर निर्माण का काम पूरा किया जा सके।
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