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आवासीय विद्यालय में नेत्रहीन छात्रा से छेड़छाड़ प्रताड़ना का भी आरोप , मजिस्ट्रियल जांच शुरू

7 वर्ष पहले
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भिलाई।शहर केकैंप-1 स्थित दिव्य ज्योति नेत्रहीन आवासीय विद्यालय में बच्चों को प्रताड़ित करने और एक नेत्रहीन छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। विद्यालय के बच्चों ने विद्यालय के संचालक और उसके बेटे पर प्रताड़ना और छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। स्थानीय नागरिकों को इसकी लगातार शिकायत मिल रही थी। शनिवार को उन्होंने विद्यालय जाकर इसका विरोध किया। उन्होंने संचालक को भवन खाली करने के लिए कहा है। इधर संचालक ने सारे आरोप को गलत बता रहे हैं। मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है।
मान्यतानहीं तो फिर क्यों पढ़ रहे ये बच्चे: जब विजयकांत से पूछा गया कि उन्होंने कुछ बच्चों को विद्यालय से क्यों हटा दिया तो उनका जवाब था, वे पांचवींं में पहुंच गए थे। इस विद्यालय को पांचवीं की मान्यता नहीं इसलिए टीसी दिया गया।

खर्च का भी हिसाब नहीं मिला : इस विद्यालय में मिलने वाली मदद राशि का मोटी मोटा हिसाब तो रखा जाता है पर खर्च का हिसाब नहीं रखा जाता। विजयकांत मदद राशि का रजिस्टर तो दिखाया पर खर्च का रजिस्टर नहीं दिखा पाए। वे जुबानी तौर पर भी खर्च के बारे में स्पष्ट कुछ नहीं बता पाए। विद्यालय में दो टीचर हैं, उन्हें मदद राशि से ही वेतन दिया जाता है।

बच्चों के आने-जाने का रिकार्ड नहीं : इस विद्यालय में बच्चे कब आते हैं कब जाते हैं, कोई रिकार्ड नहीं है। जब इस बाबत संचालक विजयकांत से पूछा गया तो उनका जवाब था कि पालक आते रहते हैं और अपने बच्चे को ले जाते रहते हैं। हमारे पास पालकों के मोबाइल नंबर हैं। जब उनसे मोबाइल नंबर मांगा गया तो वे केवल तीन बच्चों के पालकों के मोबाइल नंबर दे पाए।

24 में केवल 9 बच्चे, कारण भी नहीं : संचालक विद्यालय विजयकांत ने विद्यालय में बच्चों की दर्ज संख्या 24 बताई। फिर कहने लगे कि आवासीय विद्यालय में रहने वाले बच्चों की संख्या 16 है। लेकिन विद्यालय में केवल 9 बच्चे थे। बच्चों की कम उपस्थिति का कारण भी नहीं बता पाए। उन्होंने कहा कि कई बच्चे अभी छुट्टी में अपने घर गए हैं। जबकि अभी तिमाही परीक्षा होने वाली है।

जानिए, स्कूल के बच्चों ने क्या बताया..
विद्यालयके छात्र संजीत सोनकर ने बताया कि इसी विद्यालय की छात्रा चमेली और उसकी सहेली रात में एक पलंग पर सोई हुई थीं। तभी विद्यालय के संचालक विजयकांत द्विवेदी का बेटा श्रेयस वहां आया और चमेली की सहेली से छेड़छाड़ करने लगा। सहेली ने मना किया फिर भी उससे जबर्दस्ती की। अभिषेक कहता है कि इस घटना के पांच मिनट पहले मैं बाथरूम जाने के लिए उठा था। ये सारी बातें चमेली ने मुझे बता दी। कुछ दिन बाद श्रेयस ने भी यह बात मुझे बताई।

महिलाएं-बच्चे सब ने दिखाया आक्रोश : स्थानीय महिलाएं बच्चों की पीड़ा सुनकर गुस्से उबल पड़ीं और विद्यालय जाकर विजयकांत को खरी खोटी सुनाने लगीं। किरण मिश्रा, सरिता चौबे, शशि देवी, पुष्पा चौबे, अनुसुइया द्विवेदी, विमला देवी कमलजीत कौर ने कहा कि उन्हें विजयकांत पर काफी दिनों से शक था। पर सबूत के अभाव में वे कुछ कह नहीं पा रही थीं। पर आज बच्चों के मुंह से सुनकर सारी सच्चाई का पता चल गया। इस विद्यालय में बच्चों के साथ गलत हो रहा है।
सुबह साढ़े ग्यारह बजे शुरू हुआ हंगामा शाम तक चलता रहा, बच्चों की शिकायत से खुला मामला
बुजुर्ग ने संचालक पर जताया आक्रोश, महिलाओं ने भी सुनाई खरी खोटी।