- Hindi News
- प्रबंधन अब अपने हिसाब से बोनस देने मन बना रहा
प्रबंधन अब अपने हिसाब से बोनस देने मन बना रहा
भिलाईइस्पात संयंत्र के कर्मचारी बोनस के हकदार नहीं है क्योंकि सभी कर्मियों का बेसिक साढ़े 6 हजार पार कर चुका है। लिहाजा संयंत्र प्रबंधन एक्सग्रेसिया (बोनस) के रूप में कर्मियों को दीपावली पूर्व नगद पुरस्कार देती रही है। अब पुरस्कार कितना देना है यह प्रबंधन की इच्छा पर निर्भर है। इसलिए संयंत्र की यूनियनें इसके लिए प्रबंधन को बाध्य नहीं कर सकती हैं।
यही वजह है कि हर बार प्रबंधन यूनियनों की मांग को नजरअंदाज करते हुए अपने हिसाब से एक्सग्रेसिया तय करती रही है। इस बार भी 15 सितंबर की बैठक विफल होने के बाद प्रबंधन ने अपने हिसाब से एक्सग्रेसिया देने मन बना लिया है। इसके लिए कार्पोरेट आफिस में फाइनेंस पर्सनल विभाग के अधिकारियों के बीच दो दौर की बैठक हो चुकी है।
इन बैठकों में प्रबंधन ने जिस दिशा में विचार-विमर्श किया है उससे इस बात की संभावना कम हो गई है कि कर्मियों पिछली बार से अधिक एक्सग्रेसिया दिया जाएगा। सूत्रों की माने तो बीते तीन साल से दिए जा रहे एक्सग्रेसिया में इस बार 200 से 300 रुपए कम या ज्यादा दिया जा सकता है।
नोट : प्रॉडक्शन के आंकड़े एमटी में, प्रॉफिट के करोड़ बोनस के आंकड़े हजार में दिए गए हैं।
^ किसी भी फैक्ट्री के संचालन में प्रबंधन मजदूरों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। इसी समन्वय की वजह से बीएसपी को 11 बार पीएम ट्रॉफी मिली। लिहाजा प्रबंधन को भी कर्मियों के हितों का ध्यान रखना चाहिए।” राजेशअग्रवाल, कार्यकारीमहासचिव, इस्पात श्रमिक मंच
बोनस का बनाएं फार्मूला
^एक्सग्रेसियाकितना देना है यह प्रबंधन फाइनल करता है। लेकिन इसका भी तो कोई फार्मूला होना चाहिए। सीटू फार्मूला निर्धारित करने की मांग करती है।” एसपीडे, अध्यक्षसीटू
प्रॉफिट बोनस एक नजर में
वर्षप्रॉफिट बोनस
2010-11 4905 18270
2011-12 3573 18270
2012-13 2175 18270
2013-14 2616 ------
इस्पात श्रमिक 40मंचहजाररुपए
इंटक38हजार 7 रुपए
एक्सग्रेशिया मांग रही यूनियनें
पहले नकारा, अब फार्मूला बनाने की मांग
2006से 2009 तक एक फार्मूले के आधार पर एक्सग्रेसिया दिया जा रहा था। बाद में यूनियनों के विरोध के कारण उसे लागू नहीं किया जा सका। 15 सितंबर की बैठक में प्रबंधन के सख्त रूख को देखने के बाद यूनियनें फिर से फार्मूला बनाने की मांग कर रही हैं। यह फार्मूला मापित क्षमता प्रॉफिट पर आध