भिलाई। केंप-2स्थित जेपी हायर सेकंडरी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों का अटेंडेंस सिस्टम हाइटेक हो जाएगा। यहां हाजिरी रजिस्टर की जगह अब रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटीफिकेशन एसएमएस सिस्टम ने ली है। इससे छात्र स्कूल कब और कितने समय पहुंच रहा है? उसकी छुट्टी कब हुई? यह स्कूल मैनेजमेंट समेत उसके पैरेंट्स को पता चल जाएगा। पैरेंट्स काे इसके लिए अपना
मोबाइल नंबर स्कूल में रजिस्टर्ड कराना होगा। उन्हें रोजाना एसएमएस मिल जाएंगे।
हॉस्टल में भी लगाना संभव
सेंसरमशीन का उपयोग स्कूल के अलावा हॉस्टल में भी किया जा सकता है। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए यह बेहतर है। इसकी सूचना उनके पैरेंट्स को भी मिल जाएगी।
दर्ज कर सकते हैं शिकायतें
रेडियोफ्रिक्वेंसी सेंसर सिस्टम से पैरेंट्स अपनी शिकायत स्कूल प्रबंधन के पास दर्ज करा सकते हैं। अगर छात्र को कोई दिक्कत हो रही है तो वे सीधे सिस्टम के टोल फ्री नंबर पर फ्री एसएमएस कर सकते हैं।
42 से 45 हजार रुपए खर्च
स्कूल के शिक्षक राजेंद्र राव बताते हैं, इस सिस्टम को लगाने के लिए ज्यादा खर्च नहीं हुआ। इनोवेशन करने वाले स्कूल के शिक्षकों और समाजसेवियों की मदद से इसे लगाया गया है। इसके पीछे 42 से 45 हजार रुपए खर्च हुए हैं। बच्चों को मैसेज भेजने के लिए हर महीने पांच सौ रुपए खर्च होंगे। इसे स्कूल प्रबंधन वहन करेगा।
ऐसे लगेगा अटेंडेंस : इसके लिए स्कूल के छात्रों को स्मार्ट कार्ड दिया जाएगा। कार्ड में एक चिप्स लगा होगा। जो सेंसर से कनेक्ट होगा। जैसे ही छात्र स्कूल में प्रवेश करेगा, आईडेंटीफिकेशन सिस्टम उसे कैच करेगा और सेंसर करेगा। इसके बाद उसका अटेंडेंस लग जाएगा। इसकी सूचना संस्था प्रमुख, पैरेंट्स को मिल जाएगी।
प्रदेश में पहला सरकारी स्कूल : ''जेपी स्कूल में रेडियो फ्रिक्वेंसी मशीन लगाई जा रही है। यह काफी उपयोगी होगी। शिक्षकों की मेहनत और समाजसेवियों की मदद से यह हो रहा है। यह प्रदेश का पहला सरकारी स्कूल होगा, जहां ये सिस्टम है।” डॉ.केडी राव, बीईओ।
नई व्यवस्था : भिलाई के कैंप-2 स्थित जेपी हायर सेकंडरी स्कूल में रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन सिस्टम लगाया गया।
(इसके सामने से गुजरते ही छात्रों का अटेंडेंस लग जाएगी।)