सेल के रिटायर्ड अफसर करेंगे आंदोलन
सेलके रिटायर्ड अफसर वर्षों से लंबित पेंशन मेडिक्लेम पॉलिसी का निराकरण नहीं होने से नाराज है। फेडरेशन आफ रिटायर्ड सेल इंप्लाइज (फोर्स) की दो दिवसीय बैठक में इन मुद्दों के साथ बैठक कर नए सिरे से अपना पक्ष रखने की निर्णय लिया गया। बावजूद मांगों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
फोर्स की दो दिवसीय काउंसिल मीटिंग शनिवार को प्रारंभ हो कर रविवार को समाप्त हुई। इसमें देश भर से संगठन के 16 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें पिछले 5 वर्षों में फेडरेशन के कार्यों का विवरण दिया गया। जिसमें बताया गया कि 2007 के बाद सेल के रिटायर कर्मियों की संख्या करीब साढ़े सात हजार उसके पूर्व के रिटायर कर्मियों की संख्या करीब साढ़े तीन हजार है। इनके पेंशन स्कीम पर प्रबंधन अब तक निर्णय नहीं ले पाया है।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में यह सुविधा लागू हो चुकी है। मिटिंग में फोर्स चेयरमेन वीएन शर्मा, एसके घोष, केके दास, अिचंत्य चौधरी, जार्ज ओम्मन, केजी मथई, बासव रजिय्या आदि मौजूद थे। बताया गया कि सेल के पास वित्तीय वर्ष 2013-14 को 38536 करोड़ रुपए रिजर्व है। सेल बीते 10 साल से लाभ अर्जित कर रहा है। अत: पेंशन के लिए धनराशि स्वीकृत करने में कोई समस्या नहीं आएगी। केवल समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक निर्णय की आवश्यकता है।
आंदोलन की योजना
रविवारको बैठक समाप्त होने के पूर्व यह निर्णय लिया गया कि उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसमें आधे दिन का धरना, भूख हड़ताल, राज्यपाल भवन के सामने धरना और ज्ञापन, दिल्ली में इस्पात मंत्रालय के सामने धरना शामिल है।
ओपीडी-आईपीडी का प्रीमियम दोगुना करें
रिटायर्डअफसरों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि मेडिक्लेम प्रीमियम नहीं बढ़ाई जा रहा। फिलहाल ओपीडी में 4 हजार आईपीडी में दो लाख तक प्रीमियम दिया जा रहा है। जबकि रिटायर्ड कर्मचारियों को स्वास्थ देखभाल पर बहुत खर्च रहा है। लिहाजा ओपीडी 10 हजार आईपीडी 4 लाख प्रीमियम किया जाए। साथ ही मेडिक्लेम पॉलिसी के रिनुवल का प्रोसेस भी वर्ष समाप्त होने के पहले ही पूरा कर लिया जाए।
मंत्री से करेंगे ये मांग
{रिटायर्ड कर्मियों के लिए वेलफेयर। {संगठन को मान्यता देने। {कार्यालय खोलने के लिए जगह उपलब्ध कराने। {इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा। {प्रबंधन के साथ साल में दो बैठकें