निर्देश दिए हंै, बात करूंगा
मुझसे तो किसी ने शिकायत नहीं की
किवार के 25 फीसदी कर्मी रहते हैं गैरहाजिर, सिर्फ 72 फीसदी घरों से कलेक्शन, ऐसी है शहर में सफाई
बहुत हो गया अब मंत्री से शिकायत
रिलोकेट करना पड़ गया..
विद्यारतन भसीन, विधायक वैशाली नगर
हालात
जरूरत
कचरा गाड़ियां
{केवल 3 कंपैक्टर, 42 ऑटो, 195 रिक्शे, 188 हैंड ट्राली, 4 टिप्पर, 218 कंपैक्टर बिन और 49 डंपर बिन ही उपलब्ध कराई गई है। इनमें भी 20 फीसदी तो खड़े रहते हैं।
{जबकि जरूरत 5 कंपैक्टर, 5 ऑटो, 350 रिक्शे, 220 हैंड ट्राली, 8 टिप्पर, 300 कंपैक्टर बिन, और 180 डंपर बिन की जरूरत शहर की सफाई के लिए है।
डस्टबिन
{शहर में 1 लाख 25 हजार 664 मकान हैं। जबकि मात्र 79880 घरों में ही वह भी एक-एक डस्टबिन दिया गया है। व्यावसायिक संस्थानों को छोड़ दिया गया है जहां ज्यादा कचरा वहीं से निकलता है।
{एग्रीमेंट के मुताबिक प्रत्येक घर में दो-दो डस्टबिन देना अनिवार्य है। इस लिहाज से 1 लाख 84 हजार 604 डस्टबिन बांटने चाहिए थी। किवार अभी तक यह काम नहीं कर सका है।
सफाई श्रमिक
{किवार शहर के 44 वार्डों की सफाई के लिए 1058 श्रमिक रखे हैं। इनमें से भी 25 फीसदी कर्मचारी रोज गैर हाजिर रहते हैं।
{शहर की भौगोलिक स्थिति और आबादी को देखते हुए कम से कम 1475 श्रमिक होने चाहिए। लेकिन स्थिति बदहाल है।
भास्कर सर्वे
ने कहा-नहीं
86%
भास्कर ने 100 लोगों से पूछा- क्या आप किवार की सफाई से संतुष्ट हैं?
प्रोसेसिंग यूनिट बनाना ही नहीं चाहते
निगम ने किवार को संसाधन दिए थे। वो कैंप के जोन कार्यालय में कबाड़ हो रहे हैं।
शहर को बीमार कर रही है ये गंदगी
शहरमें हर तरफ पसरी गंदगी की वजह से डायरिया, पीलिया और डेंगू प्रभावितों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। सुपेला शासकीय अस्पताल में रोज ओपीडी की संख्या 400 से बढ़कर 500 पार कर गई है। बैकुंठधाम अस्पताल में भी पहले 70-80 मरीज रोज आते थे अब 130 के करीब पहुंचने लगे हैं। तीन दर्जन डेंगू प्रभावितों में ज्यादा संख्या भिलाई की ही है।
निगम की कार्रवाई: भुगतान करोड़ों में, जुर्माना लाखों में
ग्राम सेमरिया में 14.42 हेक्टेयर जमीन निगम प्रशासन की ओर से कंपनी को दी गई है। भास्कर ने मौके पर जाकर देखा। कंपनी ने अभी तक वहां कोई काम शुरू नहीं किया है।
(निगम के वेरीफिकेशन रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है)
65%
कलेक्शन