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आरोपियों को देख बड़ी मां बोली जी करता है इन्हें गोली मार दूं..
नए लोग अपराधी.. कैसे करें..
गैंगरेपकी शिकार हुई पीड़िता के परिजन इस वारदात से आक्रोशित हैं। मंगलवार को जब उन्हें पता चला कि पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने ले आई तो वे उन्हें देखने के लिए सुपेला थाने पहुंची। एक आरोपी को देखकर पीड़िता की बड़ी मां आग बबूला हो गई। एक आरोपी की ओर देखते हुए उसने कहा कि जी करता है तुझे गोली मार दूं। उसके तेवर देख थाने में मौजूद स्टाफ भी सकते में गया। लेकिन बोला कुछ नहीं। महिला, आरोपियों को देर तक भला बुरा कहती रही। पुलिस कर्मियों ने उसे समझाइश दी। तब जाकर वह चुप हुई और बाहर निकलकर थाना परिसर में ही पेड़ के नीचे बैठी रही। लेकिन वह वहां भी शांत नहीं थी। बीच-बीच में वह थाने के भीतर चली जाती और पुलिस वालों से कहती, इन पर कड़ी कार्रवाई कीजिएगा साहब।
पीड़िता की बड़ी मां दूसरे शहर में रहती हैं। उसे घटना के बारे में उसकी देवरानी यानि पीड़िता की मां ने बताया। तब वह भिलाई और उनके आने के बाद ही मामले में रिपोर्ट लिखाना तय हुआ। पुलिस के अनुसार 2 फरवरी को हुई वारदात को पीड़ित परिवार संभवत: आरोपियों के डर से छुपाए रखा। पीडिता की बड़ी मां ने ही परिजनों को विश्वास दिलाया कि रिपोर्ट लिखानी चाहिए तभी कार्रवाई हो पाएगी और लड़की के साथ न्याय होगा।
घटना स्थल आर्य नगर कोहका का सिरसा रोड से लगा खेत है। आरोपियों ने इलाके सूनेपन का बेजा फायदा उठाया। रोड के किनारे पेड़ भी काफी संख्या में है। कई बाड़ियां भी है। सिरसा रोड शाम होने के बाद और ज्यादा सुनसान हो जाता है। यह घटना शाम 6 से रात 8 बजे के बीच की बताई गई है। इधर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
घटना को छिपाएं नहीं, आप आगे आएं...
{शहर में गैंगरेप की घटनाएं लगातार हो रही हैं, आपकी पुलिस इस पर क्यों रोक नहीं लगा पा रही है? {{देखिए, पुलिस अपना काम कर रही है। लेकिन हमें ये भी देखना होगा कि गैंगरेप जैसे अपराध कोई आपराधिक रिकार्ड वाले अपराधी नहीं कर रहे हैं। ये नए लोग हैं और पहली बार कर रहे हैं। एेसे लोगों पर नजर रखना मुश्किल है।
{यानि पुलिस की ऐसी घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी नहीं बन रही है क्योंकि ये वारदात कोई आपराधिक रिकार्ड वाले नहीं कर रहे हैं? {{नहीं, एेसी बात नहीं। पुलिस की अपनी जिम्मेदारी है। लेकिन इसको लेकर जो भी जिम्मेदारियां हैं, पुलिस का काम उन जिम्मेदारियों का एक हिस्सा है।
प्रदीप गुप्ता, आईजी दुर्ग रेंज
इधर जिला समिति गठित
दुर्ग|कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न के मामले में कार्रवाई करने जिला स्तरीय शिकायत समिति का गठन किया गया है। समिति की अध्यक्ष स्त्री रोग विशेषज्ञ, किशोरी बालिका, परामर्श दाता एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अर्चना चौहान होंगी।
पैरेंट्स ध्यान दें...
{16से 18 साल तक बच्चों से कम्युनिकेशन गेप नहीं रखे। {बच्चों के व्यवहार में बदलाव आए तो वे सीधे बात करें। {समाज या परिवार की डर से बात को दबाने की कोशिश बिल्कुल करें। {अगर बच्चे ऐसी बात बताते हैं तो उनका हौसला बढ़ाए। {पैरेंट्स बच्चों के स्कूली शिक्षकों से भी संवाद रखे।
घबराइए नहीं, कानून अापके साथ है
पुलिसको सूचना: पीड़ितासीधे अपनी बात पुलिस को बता सकती है। सभी थानों में अलग से महिला सेल है।
हेल्पलाइननंबर: 181जारी किया गया है।
कानूनमें संशोधन: दिल्लीनिर्भया कांड के बाद केंद्र सरकार ने छेड़खानी के मामले में संशोधन किया। पहले धारा 354 जमानती था। इसे संशोधन कर गैर-जमानती यानी कि जमानत नहीं होगी। दुष्कर्म के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास हो सकता है।
सुनवाईके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट: दुष्कर्मया छेड़खानी की सुनवाई के लिए हरेक जिले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया। ताकि सुनवाई जल्दी हो और आरोपियों पर कार्रवाई हो।
छेड़खानी या दुष्कर्म की पीड़िता वारदात के सप्ताहभर या पखवाड़े भर बाद अपनी बात बताती है। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
घटना स्थल
इस पगडंडी से लेकर गए
यहां से लड़की को उठाया
(वरिष्ठ अधिवक्ता शेषनारायण शर्मा के अनुसार)
(सायकॉट्रिस्ट डॉ. मैनक देव सिकदर के अनुसार )
अभी-अभी रवि और मलकीत से दोस्ती हुई है। पढ़ाई लिखाई छोड़ चुका है।
बेरोजगार। दिनभर बेवजह आवारा किस्म के दोस्तों के साथ घुमता है।
आईटीआई की स्टूडेंट। लेकिन पढ़ाई ध्यान नहीं। दिनभर मोहल्ले में घुमता रहता है।
उम्र 20 साल
उम्र 25 साल
उम्र 20 साल
चंद्रभूषण देशमुख
मलकीत सिंह
रवि चौहान
पीड़ितों को धमकी, रिपोर्ट की तो अच्छा नहीं होगा....
पीड़िताकी बड़ी मां ने पुलिस वालों के सामने जोर-जोर से ये भी कहा कि एक आरोपी और उसकी मां पीड़ित परिवार को ये कहकर धमकाते रहे कि रिपोर्ट मत लिखाना। रिपोर्ट लिखाओगे तो अच्छा नहीं होगा। पीड़िता की बडी मां ये भी कह रही थी कि आरोपी मोहल्ले में ये कहते मिले कि कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकते।