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नक्सलियों को घेरने अब जमीन के साथ आकाश में भी होगी किलेबंदी

6 वर्ष पहले
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नक्सलियोंसे निपटने के लिए जमीन के साथ आकाश में भी किलेबंदी की जा रही है। राज्य ने केंद्र से पैरा मिलिट्री की 10 और बटालियन की डिमांड की है। वहीं एयरफोर्स की एमआई-17 वी5 हेलिकॉप्टर की नई यूनिट नागपुर में स्थापित की जा रही है। यह नक्सलियों के खिलाफ अभियान के दौरान में परिवहन में सहायता प्रदान करेगी।

केंद्र की मंशा अनुरूप नक्सलियों को उनके ही मांद में घुस कर चुनौती देने की दिशा में राज्य सरकार एक साथ कई मोर्चे पर काम कर रही है। इसके लिए ग्रामीणों का विश्वास जीतने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वहीं नक्सलियों से निपटने के लिए कारगर रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत आकाश से नक्सली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 28 फरवरी से नंदिनी (भिलाई ) बेस कैंप से अनमेन एरियल व्हीकल (यूएवी) उड़ान भरना शुरू कर देगा।

बटालियन भी जल्द आएंगी

^28 फरवरी से नंदिनी बेस कैंप से यूएवी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मानीटरिंग के लिए उड़ान भरना शुरू कर देगी। फिलहाल दो यूएवी इस्तेमाल में लाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर बेगमपेठ से और भी यूएवी मंगवाए जा सकते हैं। पैरा मिलिट्री की 10 बटालियन की भी केंद्र से डिमांड की गई है। आरकेविज, एडीजी, नक्सल ऑपरेशन्स

पैरामिलिट्री की बटालियन आएगी

जमीनपर नक्सलियों से निपटने के लिए राज्य शासन ने बीएसएफ की 10 बटालियन की डिमांड की थी। इस मांग पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दो बटालियन तो राज्य को भेज दिए हैं। जिन्हें रावघाट के साथ ही कांकेर जिले के धुर नक्सली इलाके बांदे में तैनात किया गया है। वहीं राज्य पुलिस के रणनीतिकार बीएसएफ की 8 और बटालियन के आने का इंतजार कर रहे हैं।

हेलिकॉप्टर की नई यूनिट

इधरएयरफोर्स एमआई-17 वी5 हेलिकॉप्टर की नई यूनिट नागपुर में स्थापित की जा रही है। यह जगदलपुर में नक्सल विरोधी अभियान में लाजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराएगी। फिलहाल 6 एमआई-17 हेलिकॉप्टर गोरखपुर (यूपी) में तैनात हैं। नक्सल विरोधी अभियान के लिए रांची, रायपुर जगदलपुर से डिमांड आने पर यहां से एयरफोर्स ये हेलिकॉप्टर भेजती है।

यूएवी हो सकता है गेम चेंजर

जानकारोंके मुताबिक अब तक नक्सलियों से निपटने में फोर्स की सबसे कमजोर कड़ी इंटेलिजेंस ही रही है। नंदिनी बेस कैंप से यूएवी का संचालन गेम चेंजर का काम कर सकता है। नक्सलियों का प्रभाव क्षेत्र 900 से 1000 किमी के दायरे में है। नंदिनी नक्सल प्रभवित क्षेत्र दक्षिण बस्तर, गड़चिरोली (महाराष्ट्र) सहित वेस्टर्न ओडिसा झारखंड से समान दूरी पर है। लिहाजा रणनीति बनाना अब आसान होगा।

यह नंदिनी एयरपोर्ट है। नया रनवे बनकर तैयार है। सामने कंसरटीना वॉल दिख रही है।

20

12

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26

घंटे तक लगातार उड़ान भरने की क्षमता होगी यूएवी में।

यूएवी इजरायल से खरीदने की बात कही जा रही है।

यूएवी फिलहाल राज्य शासन के पास मौजूद है।

करोड़ की लागत से एयरपोर्ट को रिनोवेट किया गया।

नंदिनी एयरपोर्ट में रनवे बनकर तैयार