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बीएसपी के सभी विभागों में बनेगी सुरक्षा समितियां
बीएसपीमें फैक्ट्री एक्ट के तहत रजिस्टर्ड विभाग 39 हैं। इसमें भी एक्ट के तहत केवल 25 से अधिक कर्मी वाले विभागों में सेफ्टी कमेटी गठित की गई है। बाकी विभागों में प्रबंधन द्वारा नियुक्त स्टीवर्ड का सीटू ने मंगलवार को ईडी वर्क्स वाईके डेगन के साथ बैठक में विरोध किया। स्टूवर्ड हटाने पर सहमति बनी। यूनियन से नामित सुरक्षा प्रतिनिधियों के साथ कमेटी गठित होगी।
बैठक में 22 जनवरी को स्थानीय मांग पत्र पर सीटू पदाधिकारियों की सीईओ के साथ सुरक्षा पर चर्चा हुई। सीटू ने सेफ्टी स्टीवर्ड को लेकर प्रबंधन द्वारा 2002 में लिए गए फैसले एवं सर्कुलर को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि सेफ्टी स्टीवर्ड को कर्मचारियों के प्रतिनिधि के रूप में प्रबंधन द्वारा नामित किया गया है। कर्मचारियों का प्रतिनिधि प्रबंधन द्वारा नामित नहीं किया जा सकता है। भिलाई में 2002 में मान्यता प्राप्त यूनियन के विवादित स्थिति में यह फैसला लेकर सेफ्टी स्टीवर्ड की नियुक्ति की गई थी। अब जब कि संयंत्र के अंदर मान्यता यूनियन चुनकर आई है एवं सुरक्षा समितियां मान्यता यूनियन के साथ गठित की गई है तब सेफ्टी स्टीवर्ड एवं सेफ्टी स्टीवर्ड से संबंधित सर्कुलर का औचित्य नहीं रह जाता है। प्रबंधन ने एक सप्ताह में यूनियन के साथ दोबारा विचार कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
सेफ्टीके वेबसाइट में डिसप्ले: सुरक्षासमितियों की सूची बीएसपी इंट्रानेट के सुरक्षा विभाग की वेबसाइट में डिस्प्ले करने दो माह में एपेक्स स्तर पर ईडी (संकार्य) के साथ बैठक करने पर सहमति बनी। यूनियन से डीवीएस रेड्डी, लखविंदर सिंग, एमके राव शांतनु मरकाम, अशोक खातरकर, पूरन वर्मा, सविता मालवीय आदि मौजूद थे।
सुरक्षा समिति की हर महीने हो बैठक
सीटूने फैक्ट्री एक्ट एवं जोखिम श्रेणी में आने वाले विभागों के तहत गठित 25 सुरक्षा समितियों के अलावा सभी विभागों में सुरक्षा समितियों को गठित कर विभागीय स्तर पर हर माह बैठक करने की मांग रखी। ईडी वायके डेगन ने सभी जीएम को निर्देश दिया कि विभागीय स्तर पर सुरक्षा समितियों के साथ प्रति माह बैठक कर मिनिट्स भेजंे। जहां समितियां नहीं हैं वहां विभाग प्रमुख यूनियन द्वारा नामित कर्मचारी को लेकर सुरक्षा समितियों का गठन कर अगले सप्ताह से बैठक आयोजित करें