टावरी के सामने सामंजस्य बैठाने की चुनौती
दुर्ग जिला इन दिनों में प्रदेश में महिलाओं के जिम्मेदार पदों पर होने के नाम से पहचाना जा रहा है। इसमें कलेक्टर आर शंगीता, जिला पंचायत सीईओ सतोविशा समाजदार, आदिमजाति कल्याण विभाग माया वारियर, भिलाई-चरोदा आयुक्त सौम्या चौरसिया, महापौर चंद्रिका चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष माया बेलचंदन के बाद अब बीजेपी के जिलाध्यक्ष पर एक महिला को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उषा टावरी जो पिछले करीब 15 सालों से राजनीति में सक्रिय हैं।
पार्टी ने उन पर संगठन को मजबूत करने का भरोसा दिलाया है। खास बात है कि जिले की राजनीति काफी चुनौतीपूर्ण हैं। यह कई ऐसे दिग्गज हैं, जो सरकार में शामिल हैं। जो शामिल नहीं हैं, वे संगठन के बड़े पदों में है। ऐसे में सभी में सामजस्य बैठाना उषा टावरी के लिए बड़ी चुनौती है। गौरतलब है कि दुर्ग जिला केबिनेट मंत्री रमशीला साहू, ससंदीय सचिव लाफचंद बाफना, राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय जैसे सरकार में शामिल नेताओं का गृह जिला है। इसके अलावा बीजेपी की राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष हेमचंद यादव यहीं से आते हैं। इतना ही नहीं जिले में इस बार मंडल का भी विस्तार किया गया है। बढ़ाकर 13 मंडल कर दिया है। अध्यक्ष व महामंत्री तय करने को लेकर ही बड़े नेताओं के पसीने छूट रहे।
एकजुट होकर करेंगे काम
मै संगठन की मजबूती के लिए काम करुंगी। पार्टी ने मुझ पर विश्वास जताया है, मै इस पर खरा उतरने का प्रयास करुंगी। मै स्वयं बूथ स्तर पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने का काम करुंगी। जो आदेश व मार्गदर्शन प्रदेश कार्यालय व पार्टी के बड़े नेताओं से मिलेगा उस हिसाब से काम करूंगी। उषा टावरी, जिलाध्यक्ष, भाजपा दुर्ग
जानिए आगे क्या
जिलाध्यक्ष तय होने के साथ अब तक अध्यक्ष अपनी कार्यकारिणी घोषित करेगा। आगामी हफ्तेभर के अंदर कार्यकारिणी घोषित किए जाने की बात नए अध्यक्ष के तरफ से की गई है। पदाधिकारियों में किसे शामिल किया जाएगा, यह तय नहीं है। खबर है कि इसे लेकर हेमचंद, सरोज व रमशीला साहू से चर्चा की जाएगी। जिलाध्यक्ष की कार्यकारिणी घोषित होगी।
अभी ये हैं मंडल अध्यक्ष
जिले में इस समय 13 मंडल आते हैं। इन मंडलों में अध्यक्ष पहले ही चुने जा चुके हैं। इनमें गंजपारा से काशीनाथ शर्मा, चंडी मंदिर से नरेंद्र बंजारे, सिकोलाभाठा से सुरेश दीक्षित, बोरसी से विनायक नातू, अंजोरा से दिनेश देशमुख, उतई से सुनील साहू, पाटन के तीन मंडलों से उपासना साहू, घनराज व खिलावन साहू आदि शामिल हैं।
नहीं बन पा रही थी सहमति
जिलाध्यक्ष का निर्वाचन होना था। सभी 13 मंडलों के अध्यक्ष व महामंत्री द्वारा जिलाध्यक्ष तय करना था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। पार्टी के बड़े नेताओं ने आपसी सामंजस्य बनाने चार महीनों तक अटकाए रखा। इस बीच जो नाम आए, उनमें से किसी एक पर सहमति बनाने का प्रयास किया जाता रहा, अंतत: बीजेपी की राष्ट्रीय महामंत्री के तरफ से सुझाए गए नाम पर सहमति बनाई गई। यह पहले से ही तय माा जा रहा था कि सरोज व हेमचंद यादव ही किसी एक नाम को तय करेंगे। अध्यक्ष तय करने को लेकर प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने जिले के सभी प्रभावी नेताओं से अलग-अलग बातचीत कर एक नाम तय किया।
जिलाध्यक्ष पद पर महिला, महामंत्री पद पुरुष को सौैंपा
जिला महामंत्री पद के लिए देवेंद्र चंदेल के नाम की घोषणा के बाद जश्न मनाते समर्थक।