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रातभर में 7 वाहन फूंके, आरोपी फरार

5 वर्ष पहले
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बीती रात अज्ञात लोगों ने शहर के चार स्थानों पर सात गाड़ियों में आग लगा दी। इससे जहां गाड़ी मालिकों को लाखों का नुकसान हो गया, वहीं इस घटना को लेकर लोग चिंतित भी हो गए। इस वारदात ने पुलिस को भी सकते में ला दिया है। पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनमें संदिग्धों की तस्वीरें हैं। वह इसी के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।

सुबह जैसे ही इस घटना का पता चला, क्राइम ब्रांच और स्थानीय थानों की टीमें मौके पर पहुंचीं और पड़ताल शुरू कर दी। रात में रोड किनारे स्थित दुकानों के तैनात गार्डों से संदिग्धों के बारे में जानकारी ली गई। दुकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। दोपहर तक दो सीसीटीवी के फुटेज मिले। एक में संदिग्ध भी नजर आया।

हो सकता है पायरोमीनिया : मनोविज्ञानी डाक्टर मैनकदेव सिकदर बताते हैं कि चीजों को जलाना चाहे वह वाहन हो या कुछ और, एक मानसिक रोग है। इसे पायरोमीनिया कहते हैं। यह कम उम्र में ही हो जाता है।

शुक्रवार की देररात अलग-अलग जगह पर सात गाड़ियां जलाई गईं।

एक सप्ताह में जलाई 12 गाड़ियां : सिरफिरों ने सुपेला और सेक्टर-6 में सात गाडियों को जला दिया। जलाई गई गाड़ियों में चार बाइक और तीन कार हैं जिनके मालिक शिरोमणि शुक्ला, अक्षय, गगनदीप व जसबीर सिंह हैं। वहीं सप्ताहभर पहले 5 गाड़ियां जलाईं गईं थीं।

एक्सपर्ट व्यू

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