पदकों की संख्या दहाई तक पहुंचाना कठिन
केरलमें होने वाले 35वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ 19 खेलों में पदक जीतने उतरेगा। 31 जनवरी से 14 फरवरी तक होने वाले मुकाबले में छग के 211 खिलाड़ी इसमें शामिल होंगे। 1 फरवरी से 9 खेलों के मुकाबले शुरू होंगे। नेशनल गेम्स से पहले 12 से 15 दिसंबर से इन खेलों का कोचिंग कैंप रायपुर के साथ-साथ भिलाई में लगाया जाएगा।
झारखंड में हुए 34वें नेशनल गेम्स में छग ने 7 पदक जीते थे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के नहीं होने के कारण कई खेल संघ केवल ट्रायल के आधार पर केरल नेशनल गेम्स में टीमें भेज रहे हैं। ऐसे में इस बार भी पदकों की संख्या दहाई अंकों में पहुंचाना काफी कठिन है। फिर भी ओलिंपिक संघ और खेल विभाग नेशनल गेम्स से पहले कोचिंग कैंप लगाकर तैयारी पुख्ता करने में जुटे हैं।
छग का प्रदर्शन
31वेंनेशनल गेम्स: तीन पदक
32वें नेशनल गेम्स: पांच पदक
33वें नेशनल गेम्स: छह पदक
34वें नेशनल गेम्स: सात पदक
19 खेलों के मुकाबले
{तीरंदाजी: 1 से 9 फरवरी {एथलेटिक्स 9 से 13 फरवरी {एक्वेटिक 1 से 7 फरवरी {बैडमिंटन 9 से 13 फरवरी {बास्केटबॉल 9 से 13 फरवरी {बॉक्सिंग 6 से 13 फरवरी {बीच हैंडबॉल 1 से 5 फरवरी {बीच वालीबॉल 1 से 5 फरवरी {तलवारबाजी 9 से 13 फरवरी {जिम्नास्टिक 1 से 6 फरवरी {हैंडबॉल 8 से 13 फरवरी {कयाकिंग-केनोइंग 9 से 13 फरवरी {खो-खो 1 से 5 फरवरी {रग्बी सेवन-ए साइड 11 से 13 फरवरी {शूटिंग 1 से 8 फरवरी {स्क्वैश 1 से 4 फरवरी {ट्रायथलॉन 10 से 11 फरवरी {वेटलिफ्टिंग 1 से 5 फरवरी {वुशू 7 से 13 फरवरी
कोचिंग कैंप और किट के लिए लगभग एक करोड़ का बजट
नेशनलगेम्स की तैयारियों के लिए ओलिंपिक संघ की ओर से खेल विभाग से लगभग एक करोड़ के बजट की मांग की गई है। इनमें कोचिंग कैंप, खिलाड़ियों के किट, आवास व्यवस्था, भोजन व्यवस्था और नेशनल गेम्स में आने-जाने का खर्च शामिल हैं। हालांकि अभी तक उन्हें कोई सहायता नहीं मिल पाई है।
इधरकेवल 12 पदकों की उम्मीद
नेशनलगेम्स के लिए चीफ डी मिशन बनाए गए विष्णु श्रीवास्तव का कहना है कि वे 12 पदक जीतने को लेकर आशान्वित हैं। इनमें दो से तीन सोना भी है।