ईडब्ल्यूएस की जमीन पर कब्जा फोर्स नहीं मिलने पर लौटा अमला
ज्यादातर प्रोजेक्ट अवैध कब्जा के चलते पेंडिंग
ईडब्ल्यूएस के तहत कुछ बिल्डरों ने 15 प्रतिशत जमीन छोड़ी है।
सिटी रिपोर्टर|भिलाई
गरीबों के लिए आरक्षित जमीन से अवैध कब्जा हटाने में नगर निगम एक बार फिर फेल हो गया। मंगलवार को कोहका क्षेत्र के उल्लास नगर में अतिक्रमण हटाने गए अमले को बैरंग लौटना पड़ा। क्योंकि उन्हें पुलिस बल नहीं मिला। सुपेला थाने में आवेदन के बाद भी फोर्स नहीं दिया गया। इसके कारण निगम ने कार्रवाई नहीं की।
ईडब्ल्यूएस के तहत शहर के कुछ बिल्डरों ने 15 प्रतिशत जमीन गरीबों के लिए छोड़ी है। जिस पर कई लोगों ने अवैध कब्जे कर लिए हैं। कुछ जमीन पर तो मकान भी बन गए हैं। जिसे हटाने के लिए नगर निगम ने कई बार नोटिस भेजा। लेकिन कब्जाधारी टस से मस नहीं हुए। न उन पर नोटिस का असर हुआ। इसे हटाने के लिए मंगलवार को जोन-1 के इंजीनियर व अन्य कर्मचारियों की एक टीम बनी। वे उल्लास नगर भी गए। जहां पुलिस फोर्स दोपहर तक नहीं पहुंची और अमले को बिना कार्रवाई के लौटना पड़ा। नगर निगम जब तक इन अवैध कब्जों को नहीं हटाएगा, योजना के तहत आवास नहीं बन सकेंगे। इसलिए इन कब्जों को हटाना जरूरी है। योजना पूरी होने के बाद शहर के गरीबों को फ्लैट्स आवंटित किए जाएंगे।
नगर निगम भिलाई की ज्यादातर जमीन अवैध कब्जे की भेंट चढ़ गई है। जहां बड़े प्रोजेक्ट लगने हैं। इसमें सुपेला, रामनगर, जुनवानी, कोहका , कुरूद और रिसाली क्षेत्र आते हैं। इन इलाकों में निगम के बड़े प्रोजेक्ट शुरू करने की प्लानिंग है। लेकिन अवैध कब्जे के कारण योजना प्रारंभ भी नहीं हो रहा है।
रसूखदारों ने कर रखा है कब्जा
ईडब्ल्यूएस के तहत जितने भी बिल्डरों ने जमीन छोड़ी है। उन जमीनों में शहर के रसूखदार लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। जिन्हें हटाने के लिए निगम की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। यहां के एक कद्दावर विधायक के करीबी लोगों के नाम इस सूची में ज्यादा है।
सिर्फ नोटिस दे रहा निगम
ईडब्ल्यूएस के तहत बिल्डरों से 15 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण करने में निगम अफसरों का पसीना छूट रहा है। दो साल से कवायद की जारी है। लेकिन सभी बिल्डरों ने जमीन नहीं छोड़ी है। बिल्डरों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। इसलिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
आठ बिल्डरों ने अब तक नहीं करवाई रजिस्ट्री
शहर के 8 बिल्डरों ने अब तक ईडब्ल्यूएस के तहत आरक्षित जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई है। रजिस्ट्री कराते ही ये जमीन निगम को मिल जाएगी। निगम उन्हें लगातार नोटिस दे रहा है। लेकिन कोई बड़ी कार्रवाई अब तक नहीं दिखी। मंगलवार को पुलिस बल नहीं मिलने के कारण कार्रवाई स्थगित कर दी गई। इसकी अगली तारीख क्या होगी? अब तक तय नहीं किया गया है। भवन अनुज्ञा विभाग के अफसरों ने बताया कि शहर के 21 बिल्डरों ने रजिस्ट्री करवाई है। जिन पर अवैध कब्जा हो गया है। जिसे हटाने के लिए नगर निगम की ओर से अभियान चलाया जाएगा।
क्यों जरूरी है कार्रवाई
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर में 10 हजार मकान बनाने की प्लानिंग है। ये सभी मकान ईडब्ल्यूएस के तहत आरक्षित जमीन पर बनेंगे। लेकिन इन पर अवैध कब्जा है। जब तक कब्जों को हटाया नहीं जाएगा, तब तक प्रोजेक्ट भी अटका रहेगा। ऐसे में कार्रवाई जरूरी है।
निगम बड़े बिल्डरों को संरक्षण दे रहा है। शहर के बड़े बिल्डरों के खिलाफ निगम ने अब तक कार्रवाई नहीं की है। अभी जो कार्रवाई कर रहे हैं ये सिर्फ दिखाने के लिए। रिकेश सेन, नेता प्रतिपक्ष
आज थाने में पुलिस बल कम था। इसलिए नहीं भेजा गया। अब नगर निगम जब भी तारीख बताएगा। हम फोर्स उपलब्ध करा देंगे। दिलीप सिसोदिया, टीआई, सुपेला थाना
ईडब्ल्यूएस के तहत आरक्षित जमीन पर कब्जा हटाने अमला उल्लास नगर गया था। पुलिस से बल नहीं मिला। इसलिए कार्रवाई नहीं हुई। ये कार्रवाई अब बाद में की जाएगी। अशोक पहाड़िया, पीआरओ, ननि
अगली कार्रवाई कब होगी तय नहीं, निगम का दावा जल्द फिर कार्रवाई करेंगे
उल्लास नगर कब्जा हटाने गया निगम का अमला पुलिस नहीं मिलने के कारण बैरंग लौट आया।