पीएम का ‘स्टार्ट अप’ सीएसवीटीयू के इंजीनियरिंग सिलेबस में हुआ शामिल
युवाओं को रोजगार मुहैया करने के लिए शुरू हुए पीएम नरेन्द्र मोदी के ‘स्टार्ट अप’ कार्यक्रम को इंजीनियरिंग स्टूडेंट ई-कामर्स से आगे बढ़ाएंगे। ई-कामर्स अब इंजीनियरिंग के सिलेबस में शामिल हो गया है। ऑनलाइन बिजनेस के बढ़ते दायरे को देखते हुए सीएसवीटीयू कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एंड इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी के 8वें सेमेस्टर में ई-कामर्स को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाएगा। विवि ने बकायदा आठवें सेमेस्टर में ई-कामर्स को अनिवार्य करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। वहीं कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि वैश्विक स्तर पर तेजी से बदलाव हो रहा है। डिजिटल दौर में इंजीनियरिंग स्टूडेंट ई-कामर्स पढ़कर बाजार संभालेंगे तो निश्चित रूप से इसका बड़ा फायदा उन्हें मिलेगा।
देश में हर साल बढ़ रहे स्टार्ट अप
देश में स्टार्टअप की संख्या हर साल बढ़ रही है। आंकड़ों मुताबिक साल 2010 में 480 स्टार्टअप शुरू हुए थे। साल 2011 में 525 जबकि 2012 में 590 स्टार्टअप शुरू हुए। 2013 में 680 और 2014 में 805 स्टार्टअप शुरू हुए। 2015 में ये आंकड़ा एक हजार के पार हो गया।
आत्मविश्वास को मिलेगा बल
इंजीनियरिंग में ई-कामर्स का विषय अनिवार्य रूप से लागू किया गया। इससे आत्मविश्वास बढ़ने के साथ कारोबार भी बढ़ेगा। डॉ. एमके वर्मा, कुलपति-सीएसवीटीयू
ऐसे समझिए क्या है स्टार्टअप
पीएम नरेंद्र मोदी ने नया उद्यम शुरू करने वाले स्टार्टअप कारोबारियों के लिए 16 जनवरी को 3 साल का टैक्स फ्री, पूंजीगत लाभ टैक्स से छूट समेत कई प्रोत्साहन की घोषणा की है।
बिजनेस हाउस को मिलेगा मजबूत बल
इंजीनियरिंग मामलों के एक्सपर्ट डॉ. पीबी देशमुख बताते हैं कि सीएसवीटीयू के इस पहल से इंजीनियर अपना बिजनेस हाउस डेवलप कर सकेंगे। खास यह कि ई-कामर्स का विस्तार होने से कागजों की खपत कम होगी।
90 फीसदी स्टूडेंट ई-कामर्स के पक्ष में
भिलाई के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में जनवरी में स्टूडेंट को ई-कामर्स और अन्य विषयों में से चयन करने का विकल्प दिया गया। 90% स्टूडेंट ने पीएम के कार्यक्रम के बाद ई-कामर्स के समर्थन में हाथ उठाए। छात्रों का उत्साह देखते बनता है।
ई-कामर्स में सिर्फ थ्योरी तक न रहे
कामर्स के एक्सपर्ट डॉ. सिद्धार्थ चौबे बताते हैं कि ई-कामर्स अब तक सिर्फ और सिर्फ सेमेस्टर इम्तिहान में आसानी से पास होने का साधन माना जा रहा है। अनिवार्य विषय होने से स्टूडेंट अब प्रैक्टिकल पर भी जोर देंगे।
आठवंे सेमेस्टर में होगी पढ़ाई