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पीड़िता ने कहा: ये दोनों शामिल थे पर वो नहीं
आर्यनगर कोहका में गैंगरेप की शिकार हुई नाबालिग लड़की को भले ही इस वारदात के कारण गहरा दुख है। लेकिन वह ये भी जानती है कि यदि आरोपियों को पहचानने में उससे गलती हुई तो बेगुनाह को सजा मिल सकती है। मंगलवार को पुलिस इस मामले के तीसरे आरोपी के संदेह में किसी और ही लड़के को पकड़ लाई थी। उसे दिनभर थाने में बिठाए भी रखा गया, कड़ाई से पूछताछ भी की गई। आरोपी के रूप में बुधवार को एक और लड़के को पकड़ा गया था। उनकी पहचान के लिए जब उन्हें पीड़िता के सामने लाया गया तो उसने इशारा कर कहा ये नहीं, वो था। मुझे मालूम है। अगर पहचानने में मुझसे गलती हुई तो बेगुनाह को सजा मिल सकती है। उसकी जिंदगी बर्बाद हो सकती है।
यह वारदात 2 फरवरी को हुई थी, पर यह मंगलवार को सामने आई। पीड़ित परिवार आरोपियों के डर से रिपोर्ट नहीं लिखा रहा था। पुलिस के अनुसार इस मामले के चार आरोपी है। चौथे आरोपी का अभी पता नहीं चला है। पुस्तक खरीदने के लिए घर से निकली पीड़िता को आरोपी बाइक पर उठा ले गए और आर्य नगर के आउटर में ले जाकर उससे दुष्कर्म किया। मामले के सामने के बाद पुलिस ने आरोपी के रूप में तीन युवकों को पकड़ा। तीसरा आरोपी बिल्लू उर्फ चंद्र भूषण देशमुख को बताया गया। लेकिन वह आरोपी नहीं था। इसकी पुष्टि पीडिता ने कर दी।
एक आरोपी अब भी पकड़ से बाहर
इसमामले का चौथा आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने उसके भी नाबालिग होने का अनुमान बताया है। मामले के दो मुख्य आरोपी रवि चौहान और मलकीत सिंह को गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश से जेल भेज दिया गया है। बाकी दो आरोपियों पर इस वारदात में मुख्य आरोपियों की मदद करने का आरोप है।
आज हो सकती है अस्पताल से छुट्टी
पीड़िताकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। डाक्टरों ने गुरुवार को उसकी अस्पताल से छुट्टी होने की उम्मीद जताई है। उसे परेशानी होने के बाद सोमवार को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बुधवार को पुलिस ने पीड़िता और उसके परिजनों को ढांढस बंधाया और आरोपियों को सजा दिलवाने का आश्वासन दिया।
अब तक हुए गैंगेरप के कई केसों में ये कामन फैक्टर
{सुनसान इलाकोंमें अपराध- दोसाल पहले विजय नगर दुर्ग में नौ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म उसके घर से सौ मीटर दूर खेत पर किया गया था। आरोपी आज तक नहीं पकडे़ गए।
{ नशेड़ियोंकी मौजूदगी- विजयनगर वाली घटना और ताजा वारदात सुनसान इलाके में हुई। असामाजित तत्व नशा कर मंडराते रहते हैं। मौका पाते ही अपराध करते हैं। एक साल पहले जंयती स्टेडियम के पास हुई गैंगरेप की घटना भी सुनसान जगह पर हुई। डेढ़ साल पहले अंबिकापुर से आई छात्रा के साथ भी दुष्कर्म पावर हाउस रेलवे स्टेशन से कुछ दूर रेलवे पटरी से लगे सुनसान इलाके में हुई।
{ गश्तनहीं- इनसभी स्थानों पर पुलिस की गश्त लगभग नहीं होती। इसकी वजह से अपराध करने वालों के हौसले बढ़ गए हैं। चाहे मामला विजय नगर का हो या जयंती स्टेडियम के पास का या फिर ताजा मामला, ये सभी सुनशान इलाके हैं जहां पुलिस गश्त में कोताही करती है।
गैंगरेप मामला