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अब टाउनशिप के लीजधारियों से निगम वसूलेगा प्रॉपर्टी टैक्स

6 वर्ष पहले
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टाउनशिपके लीजधारियों अब खुद प्रापर्टी टैक्स देना पड़ेगा। इस केटेगरी में वे अलाटी भी जाएंगे जिन्होंने मकान के मूल ढांचे में परिवर्तन करते हुए अवैध निर्माण कर रखा है। इसके लिए निगम द्वारा क्षेत्र का जियोलॉजिकल इनफार्मेशन सर्वे (जीआईएस) कराया रहा है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद प्रापर्टी टैक्स का निर्धारण किया जाएगा। निगम अपने राजस्व बढ़ाने के लिए क्षेत्र की निजी संपत्तियों का जीआईएस करा रहा है।

इनमें पटरीपार के हिस्से के साथ ही टाउनशिप भी शामिल है। जिसके 18 वार्डों का सर्वे अब-तक हो चुका है। पांच वार्डों का सर्वे बाकी है। पटरीपार की कालोनियों बस्तियों में रहने वाले तो खुद ही निगम में संपत्ति कर जमा कर रहे हैं। वहीं टाउनशिप सहित प्लांट अन्य संपत्तियों का टैक्स बीएसपी जमा करता है।

बीएसपी के अफसर-कर्मी भी दायरे में आएंगे

निगमके सर्वे में अफसरों और कर्मचारियों के मकान भी शामिल हैं। हालांकि प्रबंधन द्वारा इनसे कई बार जानकारी मांग चुका है। लेकिन ज्यादातर ने झूठी जानकारी दी। सर्वे के बाद उनके लिए अतिरिक्त निर्माण को छुपा पाना संभव नहीं होगा। इनका सर्वे किया जा रहा है।

^टाउनशिप में 18 वार्डों का सर्वे हो चुका है। पांच वार्डों का सर्वे बाकी है। यह काम पूरा होने पर प्रापर्टी टैक्स का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा। जिसका टैक्स बीएसपी नही दे रही, उनसे सीधे वसूली पर विचार किया जा रहा है।\\\'\\\' एसकेबंछोर, संपत्ति कर अधिकारी, नगर निगम

प्रबंधन को राहत, निगम को दोगुना फायदा

टाउनशिपमें लीजधारियों के मकानों का टैक्स बीएसपी को नहीं देना होगा। इससे उसे वित्तीय बचत होगी। वहीं जिन अलॉटियों ने मकान में अतिरिक्त निर्माण कराने लिया है उनसे अतिरिक्त प्रापर्टी टैक्स वसूलने पर निगम के राजस्व में वृद्धि भी होगी।

मूल स्ट्रक्चर में बदलाव किया तो देना होगा टैक्स

टाउनशिपसहित प्लांट अन्य प्रापर्टी बीएसपी की है। लिहाजा इन सभी का करीब 11 करोड़ रुपए प्रापर्टी टैक्स का भुगतान बीएसपी द्वारा किया जा रहा है। इनमें वे मकान और दुकान भी शामिल हैं जो लीज में दिए गए हैं। जिन्होंने मूल स्ट्रक्चर में बदलाव किया है, उन्हें टैक्स देना पड़ेगा।

क्या कहते हैं आंकड़े

{कुलमकान 28 हजार {कुल दुकान 4500 { लीजधारी- 4500 { बीएसपी द्वारा भुगतान किया जा रहा टैक्स 11 करोड़ रुपए।