भिलाई निवास की कैटरिंग सर्विस बेस किचन के हवाले
बीएसपी प्रबंधन ने एक्साइज विभाग की नोटिस के बाद भिलाई निवास की कैटरिंग सर्विस बेस किचन को देने की तैयारी शुरू कर दी। वर्तमान ठेकेदार के एक्सटेंशन की अवधि 12 फरवरी को समाप्त होने के बाद 13 फरवरी से भिलाई निवास में खाद्य सामग्री की आपूर्ति बेस किचन से की जाएगी।
भिलाई निवास में कैटरिंग ठेके को लेकर उस समय विवाद हो गया जब ठेका की शर्तों में शराब का जो रेट दिया गया है वह बाजार दर से कम है। जबकि आबकारी नियमों के मुताबिक कोई भी लाइसेंसधारी निर्धारित दर से कम कीमत में शराब नहीं बेच सकता। भले लाइसेंस अस्थाई तौर पर ही जारी क्यों न किया गया हो। भिलाई निवास में बार का लाइसेंस नहीं है।
लिहाजा बड़ी पार्टी आयोजित किए जाने पर ठेकेदार को जिला प्रशासन से अस्थाई लाइसेंस लेना होता है। आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त का मानना है कि बीएसपी ने टेंडर में शराब के जिन कीमत का उल्लेख किया है, वह बाजार भाव से कम है। लिहाजा कांट्रैक्ट सेल उसे दुरुस्त करे। अन्यथा मामले में शासकीय नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
एक्साइज की नोटिस के कारण प्रबंधन नहीं कर पा रहा नए ठेकेदार से अनुबंध।
ठेका प्रक्रिया शुरू से थी विवादों में
भिलाई निवास में कैटरिंग ठेका शुरू से ही विवादों में रहा। टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण वर्तमान ठेकेदार को दो बार एक्सटेंशन देना पड़ा। देरी भी इसलिए हुई क्योंकि एक ठेकेदार ने आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए थे। इसके लिए कांट्रैक्ट सेल ने उस पर मेहरबानी दिखाते हुए अतिरिक्त समय भी दिया। अब जबकि कांट्रैक्ट फाइनल हो गया था तो सहायक आबकारी आयुक्त द्वारा बीएसपी के डीजीएम कांट्रैक्ट सेल को नोटिस जारी करने से मामला अधर में अटक गया है। इस वजह से टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में परेशानी आ रही है।
किचन में मैन पावर की कमी, सप्लाई आसान नहीं
बताया गया कि बेस किचन के लिए भी भिलाई निवास में खाद्य सामग्री की सप्लाई करना आसान नहीं होगा। क्योंकि उसके पास पहले ही बेस किचन के साथ माडल किचन संचालित करने की जिम्मेदारी है। मैन पावर की कमी पहले ही बनी हुई है। इस वजह से परेशानी बढ़ सकती है।
नोटिस का जवाब देने के फेर में नया टेंडर अटका
सूत्रों के मुताबिक बीएसपी के कांट्रैक्ट सेल के अफसर आबकारी विभाग की नोटिस का जवाब देने को लेकर माथापच्ची कर रहे हैं। इसके लिए वह कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें बड़ी पार्टियों में शराब परोसे जाने का प्रावधान समाप्त करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
बेस किचन से आएगा खाना इंचार्ज को दी गई जानकारी
आबकारी विभाग की नोटिस के बाद नए कांट्रैक्ट भी पेंच में फंस गया है। जब तक प्रबंधन इस मामले का निराकरण नहीं कर लेता नए ठेकेदार को कांट्रैक्ट अवार्ड नहीं कर सकता। जबकि कांट्रैक्ट सेल वर्तमान कैटरर्स को 12 फरवरी तक भिलाई निवास का रेस्टोरेंट और किचन खाली करने का नोटिस पहले ही जारी कर चुका है। ऐसे में 13 फरवरी से भिलाई निवास में ठहरने वालों को खाद्य सामग्री बेस किचन से सप्लाई की जाएगी। इसके लिए बेस किचन के इंचार्ज को इस बात की जानकारी दी जा चुकी है।
कैटरिंग सर्विस बंद करने की चर्चा
इधर भिलाई निवास में कैटरिंग सर्विस बंद किए जाने की भी चर्चा है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि कंपनी पहले ही आर्थिक संकट से गुजर रही है। ऐसे में क्यों न भिलाई निवास में कैटरिंग सर्विस को बंद कर दिया जाए। जिस पर उसका करीब 3 करोड़ खर्च होता है। यदि यह निर्णय लिया गया तो उसके बाद भिलाई निवास में केवल सेल के सीनियर अफसरों को ही कैटरिंग सेवा उपलब्ध कराए जाने की योजना है। बाकी को प्रबंधन पहले ही टीए-डीए का भुगतान कर रहा है। लिहाजा खाना और चाय-नाश्ते की व्यवस्था उन्हें खुद करनी होगी। हालांकि प्रबंधन इससे इंकार किया है।