तांत्रिक ने दो बहनों से किया दुष्कर्म
परिवार को विश्वास में लेकर रात को बच्चियों को ले गया अपने घर
क्राइम रिपोर्टर| भिलाई
बीती रात नेवई में एक अधेड़ तांत्रिक अर्जुन सिंह ठाकुर ने झा़ड़ फूंक बहाने दो बहनों के साथ दुष्कर्म किया। तांत्रिक ने उन्हें चावल और बंदन में नशीली चीज देकर अर्धबेहोश कर दिया था। दोनों बहनों को जब आधे घंटे बाद होश आया तब उन्हें इसका पता चला। जब तक इस मामले की रिपोर्ट लिखाई गई आरोपी फरार हो चुका था। पुलिस की टीमें उसे पकड़ने के लिए उसके गांव गईं जहां पर वह नहीं मिला तो सूचना पर बिलासपुर के लिए रवाना हो गईं।
नेवई में दोनों बहनों के साथ हुए घिनोने अपराध ने एक बार फिर विश्वास को तोड़ा है। दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वाला तांत्रिक अर्जुन सिंह ठाकुर का पीड़ित परिवार के घर उठना-बैठना था। वह दिनभर उन्हीं के घर रहता और गप्पे मारा करता था। उसने पहले दोनों बहनों मीना और सीमा ( परिवर्तित नाम) के मां बाप का विश्वास जीता। समय-समय पर उनका कोई काम भी कर दिया करता था। फिर बीती रात उसने दोनों बहनों को झाड़ फूंक के लिए बुलाया। उन्हें चावल व नशीली पदार्थ खिलाया, जिसमें उसने कोई नशीली चीज मिला दी थी।
खतरे से अनजान बाप ने ही बेटियों को भेज दिया
बीती रात करीब 7.30 बजे अर्जुन पीड़ित परिवार के घर आया। उसने युवतियों के बाप से कहा कि उसे कुछ तांत्रिक क्रिया करनी है, इसलिए वह दोनों बहनों को ले जा रहा है। वह दोनों बहनों को पास के ही सुनसान जगह पर ले गया। वहां उन्हें चावल औऱ बंदन खिलाया जिससे वे अर्धबेहोश हो गईं। उसके बाद उसने दोनों के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। करीब आधा घंटा बाद जब दोनों बहनों को होश आया तो पता चला कि उनकी तो अस्मत ही लुट गई है। दोनों घर पहुंचीं और घर वालों को इस घटना की जानकारी दी। वहीं घटना की जानकारी जब और लोगों को हुई तो दबी जुबान कई लोगों ने कहा कि यह बड़ा कुकर्मी था। पहले भी इसने कई महिलाओं की अस्मत लूटी है।
आठ महीने से बेटी के घर नेवई में रह रहा था आरोपी
तंत्र मंत्र के नाम पर नेवई से जुड़ी यह दूसरी बड़ी घटना है। पहली घटना पांच साल पहले की है जिसमें तांत्रिक ईश्वरी यादव ने दो बच्चे की बलि दी थी। उसने जब दूसरे बच्चे चिराग (10) की बलि 10 नवंबर 2010 को दी और इसका खुलासा हुआ तब ये भी पता चला कि तीन माह पहले उसने सात साल की बच्ची मनीषा की भी बलि दी थी। ईश्वरी पहले नेवई में ही रहता था। उसे उसके तांत्रिक गतिविधियों के कारण लोगों ने वहां से भगा दिया था। वह रूआंबाधा में बस गया और वहां भी तांत्रिक क्रियाएं शुरू कर दीं। जहां उसने नरबलि को अंजाम दिया। इस मामले में ईश्वरी, उसकी प|ी किरण यादव सहित पांच अन्य लोगों को फांसी की सजा मिली।
आरोपी अपने गांव कपसीडीह से भी भाग निकला
आरोपी को पकड़ने सुबह ही पुलिस कपसीडीह रवाना हो गई थी। लेकिन आरोपी वहां से भी भाग निकला। परिजनों ने बताया कि वह बिलासपुर के पास एक गांव में गया है। पुलिस वहां उस गांव के लिए रवाना हो गई। इसके अलावा भी उसके हर संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
दूसरों की बेटियों की अस्मत बची रहे इसलिए गए थाने
युवतियों के पिता का कहना है कि अर्जुन पूर्व में भी इस तरह की घिनौने काम कर चुका है। लेकिन लोग लोकलाज से थाने नहीं गए। यदि पुलिस जांच करे तो अर्जुन के कारनामे सामने आएंगे। मैं चाहता हूं कि दूसरे कि बहू बेटियों की इज्जत बची रहे। इसलिए इसे सजा दिलाने आगे आया।
पकड़ा जाएगा आरोपी
आरोपी अर्जुन सिंह ठाकुर लगातार ठिकाने बदले जा रहा है। लेकिन जल्द पकड़ा जाएगा। हमारी टीमें उसकी पीछे लगी हुई हैं। कविलाश टंडन, डीएसपी क्राइम
दुष्कर्म की हुई पुष्टि
पुलिस ने दोनों बहनों का मेडिकल करवाया है। जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन यह पता नहीं चला कि कौन सी नशीली चीज दी थी।
तांत्रिक की बेटी ने कहा, पापा ऐसा नहीं कर सकते
तांत्रिक की बेटी अपने बाप के कृत्य के बारे में कहती है कि मुझे इस घटना पर विश्वास नहीं है। मैं इतना बता सकती हूं कि मेरे पापा के पास लोग झाड़ फूंक के लिए आते हैं। दोनों लड़कियां भी काफी दिनों से आ रही थीं। वे बीती रात भी उनके घर गए थे, लेकिन उसके बाद क्या हुआ मुझे नहीं मालूम।
नेवई में तंत्र-मंत्र की यह दूसरी बड़ी घटना
नेवई में दुष्कर्म के आरोपी की बेटी केे घर के बाहर शुक्रवार को लगी रही भीड़।