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मेंटेनेंस के बाद चुकाना होगा दोगुना टोल टैक्स

5 वर्ष पहले
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फोरलेन का मेंटेनेंस होना लोगों के लिए राहत भरा कार्य है लेकिन उन्हें मेंटेनेंस के बाद ज्यादा टैक्स देना होगा। अभी फोरलेन पर 20 प्रतिशत की दर से टैक्स वसूला जा रहा है। मेंटेनेंस के बाद 40 प्रतिशत की दर से टैक्स देना पड़ेगा। ऐसा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत किया जाएगा।

फोेरलेन के मेंटेनेंस को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जो मामला चल रहा है उसी में टैक्स का मुद्दा भी उठाया गया था। नेशनल हाइवे ने ये दलील दी थी कि उसे रोड के मेंटेनेंस के लिए टैक्स लेना जरूरी है। उसके विभाग में इसके लिए 40 प्रतिशत टैक्स लेने का प्रावधान है। तब सुप्रीम कोर्ट ने उसकी इस दलील को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया। उसने 27 अगस्त 2015 को यह व्यवस्था दी कि जब तक रोड का मेंटेनेंस नहीं हो जाता, नेशनल हाइवे 20 प्रतिशत टैक्स वसूल सकता है। मेंटेनेंस के बाद दर बढ़ जाएगी।

ओ‌वरलोड नियंत्रित करने कोई प्रयास नहीं
27 अगस्त, 2015 से लागू की गई है ऐसी व्यवस्था
सड़कों की हालत ओ‌वरलोड के कारण भी खराब होती है। पहले फोरलेन का संचालन करने वाली कंपनी डीएससी वेंचर्स ने सुप्रीम कोर्ट के आदेेश से रोड का हालत जांचने के लिए आई कमेटी के सामने यही दलील दी थी। कोर्ट ने ओवर लोड को नियंत्रित करने धर्मकांटा लगाने कहा मगरकुछ नहीं हुआ।

मेंटेनेंस में लगेंगे दो माह
अभी फोरलेन का मेंटेनेंस शुरू ही हुआ है। इसमें दो माह लग सकते हैं। मेंटेनेंस पूरा होने के बाद के बाद ही 40 प्रतिशत टैक्स लिए जाने का रास्ता खुलेगा। मेंटेनेंस बताए गए बिंदुओं के हिसाब से किए जाने हैं। मेंटेनेंस के बाद उसकी जांच होगी।

नेहरू नगर के पास फोरलेन पर तेजी से चल रहा है मरम्मत का काम।

विचार किया जा रहा है
ओ‌वरलोड को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग समय-समय पर कार्रवाई करता है। जहां तक धर्मकांटा लगाने का सवाल है तो इसमें समय लगेगा। इस पर शासन स्तर पर विचार किया गया है। राजेश मूणत, मंत्री

फोरलेन
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