बहादुर बेटी केस, पुलिस आरोपियों के नजदीक
बहादुर बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले आरोपियों के करीब पहुंच चुकी है। हालांकि जांच अभी बाकी है। लेकिन अब तक की जांच में आरोपियों के स्पष्ट संकेत मिल चुके हैं। पुलिस उन्हें जरूरी सबूतों के साथ ही अपने शिकंजे में लेगी। ताकि वे बचने का प्रयास भी न कर सकें।
पुलिस ने बहादुर बेटी के परिजनों से भी पूछताछ की है। परिजनों ने पहले भी पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी दी थी। पुलिस उस स्टांप पेपर की खोज में है जिसके बारे में बहादुर बेटी के सुसाइड नोट में उल्लेख है। स्टांप पेपर उसी के पास हो सकता है जिसका या जिसके रिश्तेदार का इस गैंगरेप के केस में हित जुड़ा होगा। पुलिस जांच में स्टांप पेपर खरीदे जाने की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस के सामने यह भी स्पष्ट है कि स्टांप पेपर का उपयोग समझौते के लिए किए जाते हैं। पी़ड़ित परिजन कथित रूप से समझौता करने वालों के बारे में पुलिस को बता चुके हैं। अब इंसाफ का इंतजार है।
कॉल डिटेल खंगाले गए
बहादुर बेटी व नामजद संदिग्धों के काल डिटेल निकाले। नामजद संदिग्धों, वकील और जिस स्टांप वेंडर से स्टांप खरीदा गया उससे पूछताछ की गई। इससे आरोपियों के बारे में स्पष्ट संकेत मिल चुके हैं।
जुटाये जा रहे सबूत
आरोपियों के खिलाफ काल डिटेल के माध्यम से सबूत एकत्र किए जा रहे हैं। गवाह भी तैयार किए जा रहे हैं। इनमें बहादुर बेटी के मोहल्ले के लोग भी हो सकते हैं जो पीड़ित परिवार को समझौते के लिए दबाव बनाया करते थे।
ये है पूरा मामला
28 जनवरी को बहादुर बेटी ने गैंगरेप के मामले में कथित रूप से समझौता करवाने या केस वापस लेने के लिए धमकी देने और स्टांप पेपर में हस्ताक्षर करवाने के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।