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दो ग्राम पंचायतों के बीच विवाद, अवैध कब्जे बढ़े
जिलाप्रशासन के अफसरों के चुनाव पंचायत में व्यस्त होने का लाभ क्षेत्र के लोगों ने तेजी से बेजा कब्जा करके लिया है। ग्राम पंचायत डुमरडीह क्षेत्र में लोगों ने नहरों पर कब्जा करना नहीं छोड़ा है हालात है कि लोगों के आने-जाने वाले रास्ते पर भी कब्जा कर दुकान बना लिया गया है। ग्राम डुमरडीह नगर पंचायत उतई के आपसी विवाद के चलते बस स्टैंड के आरक्षित करीब 3 एकड़ क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर लिया गया है।
इस स्थान को उतई के ग्राम पंचायत के समय बस स्टैंड के लिए आरक्षित किया गया था। इसी के चलते यात्री प्रतीक्षालय,सुलभ शौचालय, बोर खनन भी कर दिया गया पर दोनों ग्राम पंचायतों के आपसी विवाद के चलते लोगों को कब्जा करने का मौका मिल गया। विराटनगर में तो कब्जेधारी ने केवल 15 दिनों में ही इतनी तेजी से मकान बनाना शुरू किया कि वहां पक्का छत ढालने की तैयारी चल रही है।
इस बेजा कब्जे की शिकायत थाने तहसीलदार के पास होने के बाद भी कोई अफसर इसे बेदखल करने की हिम्मत नहीं जुटा रहे हैं। पता चला है कि पटवारी को इन लोगों ने डरा धमका भगा दिया। तहसीलदार मधु देवांगन का कहना है कि पंचायत चुनाव में व्यस्त रहने के कारण कार्रवाई नहीं हुई।
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शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई
ग्रामपंचायत डुमरडीह के विराटनगर, गंगानगर तांदुला नहर के किनारे भी तेजी से अवैध कब्जे हो रहे हैं। कब्जाधारियों का तर्क है कि लंबे समय से उन्होंने जमीन को सुरक्षित रखा है इसलिए इस सरकारी जमीन पर उनका हक है इसीलिए वे कब्जा कर रहे हैं। नागरिकों ने उतई थाने का घेराव भी किया पर नतीजा कुछ नहीं निकला। डुमरडीह के ग्रामीणों ने एसडीओ को अवैध कब्जा रोकने हुए कब्जे को हटाने की मांग कर चुके हैं। तहसीलदार मधु देवांगन का कहना है कि शीघ्र ही अवैध कब्जों को बेदखल किया जाएगा।