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हादसे से सबक नहीं, पंप हाउस का ऑपरेटर रूम अब भी 35 फीट नीचे
पंपहाउस 2 के हादसे से बीएसपी ने सबक नहीं लिया है। हादसे के बाद भले ही प्रबंधन ने 35 नीचे स्थित आपरेटर रूम को ऊपर शिफ्ट करने की बात कही थी लेकिन 6 महीने बाद भी स्थिति नहीं बदली है। कर्मियों को अब भी आपरेटर रूम के लिए नीचे जाना पड़ रहा है।
यह जानकारी बुधवार को सीटू के प्रतिनिधि मंडल ने जीएम सेफ्टी पांडियाराजा को दी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य रूप से पंप हाउस 2 और 11 की कार्यपद्धति को लेकर चिंता व्यक्त की। सीटू पदाधिकारी पूरन वर्मा ने बताया कि पंप हाउस 2 में जहां 12 जून को दुर्घटना हो चुकी है, वहां के ऑपरेटरों को आज भी 35 फीट नीचे आपरेटर रूम में जाकर कार्य करना पड़ता है।
दुर्घटना के बाद सीईओ एस चंद्रसेकरन ने आश्वासन दिया था की जल्द ही आपरेटर रूम को ऊपर स्थानांतरित किया जाएगा लेकिन दुर्घटना के 6 महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर जीएम सेफ्टी ने आश्वासन दिया की जल्द ही पंप हाउस 2 और 11 के आपरेटर रूम को ऊपर स्थानांतरित किया जाएगा।
सीटू प्रतिनिधि मंडल ने यह शिकायत भी की कि सामग्री प्रबंधन विभाग से मेन गेट जाने वाली सड़क पर गैरेज के पास एलएंडटी द्वारा स्पीड ब्रेकर बना दिए गए हैं जो सुरक्षा मानदंडों के अनुरूप नहीं है। उन्हें या तो छोटा किया जाए या हटा दिया जाए। जीएम सेफ्टी ने तत्काल सिविल इंजीनियरिंग विभाग प्रमुख को फोन कर स्पीड ब्रेकर दुरुस्त करने के लिए कहा।
स्पीड ब्रेकर गलत बने
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की की एसएमएस 2 मेन कास्टर का काम कर रहे कर्मियों को साल में 2 बार हीटिंग कोट दिया जाए। जिस पर जीएम सेफ्टी ने सहमति जताते हुए कहा की विभागीय स्तर से मांग पात्र आते ही इसे वितरित कर दिया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल में एमके राव, शेख मेहमूद, अखिल मिश्र, अजय सोनी, कुंज बिहारी मिश्र महावीर प्रसाद शामिल थे।
2 बार हीटिंग कोट दिए जाए