बीएसपी ने मामले को सेल के पाले में डाला
टाउनशिपमें राजीव आवास योजना का क्रियान्वयन अधर में लटकता नजर रहा है। निगम द्वारा मांगी गई 4 एकड़ जमीन कैसे दी जाए, इसे लेकर प्रबंधन पसोपेश में है। क्योंकि बीएसपी में जमीन के हस्तांतरण पर रोक लगी है। साथ ही उसके यहां व्यवस्थापन का प्रावधान भी नहीं है। लिहाजा प्रबंधन ने मामला सेल के पाले में डाल दिया है।
जवाहर लाल नेहरू शहरी विकास योजना के तहत प्रदेश के जिन शहरों को झुग्गी मुक्त करने का लक्ष्य है, उनमें भिलाई भी शामिल है। पटरी पार की जमीन राज्य शासन की होने से निगम प्रशासन को योजना के क्रियान्वयन में खास परेशानी नहीं होगी। टाउनशिप में उनकी मंशा पर पानी फिर सकता है। क्योंकि इस एरिया की जमीन बीएसपी के आधिपत्य में है। जहां अब तक अस्थाई निर्माण कार्यों के लिए प्रबंधन निगम को अपने स्तर पर एनओसी देता रहा है। इस बार निगम राजीव आवास योजना के तहत विस्थापितों के लिए मकान बनाने जमीन हस्तांतरित किए जाने की मांग कर रहा है। इसे लेकर नियमों का पेंच होने के कारण मामला अटक गया है।
बीएसपी ने अब तक नहीं दिया जवाब
^राजीव आवास योजना के लिए बीएसपी से भिलाई नगर रेलवे स्टेशन के सामने की चार एकड़ जमीन मांगी गई है। जिसमें टाउनशिप के कब्जेधारियों को विस्थापित करने की योजना है। सालभर पूर्व इसके लिए बीएसपी को चिट्ठी लिखी गई है। जिसका उसने अब तक जवाब नहीं दिया है। नरेंद्रकुमार दुग्गा, आयुक्त,नगर निगम भिलाई
पटरीपार के लिए योजना स्वीकृत
इधरपटरीपार में घासीदास नगर में राजीव आवास योजना को शासन ने मंजूरी दे दी है। यहां योजना के तहत दो कमरे के 400 फ्लैट बनाए जाएंगे। इन फ्लैट्स में उन्हें ही विस्थापित किया जाएगा, जो घासीदास नगर के अलग-अलग स्थानों में शासन की जमीन पर झोपड़ी तान कर रह रहे हैं।
भिलाई को झुग्गी मुक्त बनाने की योजना
रेलवे स्टेशन के सामने बसाने की है योजना
निगमने करीब साल भर पहले बीएसपी को पत्र लिखकर राजीव आवास योजना के लिए भिलाई नगर रेलवे स्टेशन के सामने की चार एकड़ जमीन दिए जाने की मांग की है। हालांकि इस जमीन का ज्यादातर हिस्सा कब्जे में है। जिन्हें बेदखल करने के लिए बीएसपी के इनफोर्समेंट टीम के लिए आसान नहीं होगा। क्योंकि उसे पिछले महीने इसी तरह की कार्रवाई के दौरान कब्जेधारियों के विरोध के कारण बैकफुट पर आना पड़ा था। उसके बाद से वह कार्रवाई पेंडिंग है।
सेल बोर्ड को है