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कुष्ठ की तलाश में बस्तियों तक नहीं पहुंचे कर्मी

5 वर्ष पहले
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कुष्ठ रोगियों की तलाश में जिला स्वास्थ्य विभाग ने डोर-टू-डोर सर्वे का दावा किया। 30 जनवरी से 13 फरवरी तक राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन पखवाड़ा मना रहा है। जिले के हर घर तक पहुंचने का दम भरने वाले विभाग के कर्मचारी घनी बस्तियों में भी नहीं पहुंचे हैं।

टाउनशिप, नेहरूनगर, कोहका, वैशालीनगर सहित कई बस्तियों में स्वास्थ्य विभाग का अमला देखा तक नहीं गया। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि निर्वाचन कार्य के लिए ही सरकारी कर्मचारी दिखते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए कब कौन आता है, यह सरकारी विभाग ही बता सकता है। नेहरूनगर के उत्तम मुखर्जी ने कुष्ठ रोग निवारण के सर्वे जैसे अभियान से अनभिज्ञता जताई। फरीदनगर के मोहम्मद इस्लाम ने भी कहा कि सर्वे के लिए कोई नहीं पहुंचा।

विभाग बोल रहा, मिले अब तक 47
अब तक जिला स्वास्थ्य विभाग को 47 कुष्ठ मरीज मिल चुके हैं। ज्यादातर मरीज पीबी श्रेणी के हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि टीम ने त्वचा रोग से पीड़ित 158 मरीजों की जांच की है। 47 कुष्ठ के मरीज पाए गए हैं। इनमें से 14 मरीज एमबी श्रेणी के और 33 मरीज पीबी श्रेणी के मिले हैं।

कुष्ठ रोगियों की संख्या
जिला 2012-13 2013-14 2014-15

दुर्ग 749 850 903

रायपुर 853 856 847

महासमुंद्र 871 819 758

रायगढ़ 1221 1297 1517

शिक्षकों व स्टूडेंट्स के सहयोग से निकाली जा रही जागरुकता रैली
शहरी क्षेत्र के 17 व भिलाई के 26 वार्डों का सर्वे हो रहा है। कुष्ठ मरीजों की खोज हो रही है। इसके साथ ही मितानिनों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के सहयोग से जागरुकता रैली निकाली जा रही है और बैनर पोस्टर के माध्यम से भी प्रचार प्रसार किया जा रहा है।’\\\' डॉ एमआर कुर्रे, जिला कुष्ठ अधिकारी-दुर्ग

छत्तीसगढ़ के चार जिलों में देश में सबसे ज्यादा रोगी
कुष्ठ के आंकड़ों की बात की जाए तो छत्तीसगढ़ का आंकड़ा चौंकाने वाला है। यहां 3 हजार की आबादी में एक व्यक्ति कुष्ठ का शिकार है। खुद केंद्र सरकार इसे लेकर राज्य को आगाह कर चुकी है। प्रदेश के 4 जिले रायगढ़, दुर्ग, महासमुंद और रायपुर में सर्वाधिक पीड़ित हैं। जमीनी सर्वे होता तो आंकड़े बढ़ सकते हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग की मानें तो 27 में से 18 जिलों में कुष्ठ खोज अभियान चलाया जा रहा है।

कुष्ठ रोग के यह है लक्षण खुजली होते ही हो जाएं अलर्ट
डॉक्टरों के मुताबिक कुष्ठ रोग के लक्षण आते ही अलर्ट हो जाएं। शरीर के किसी भाग में खुजली होनी शुरू होती है। रोगी देर तक खुजलाता है तो उस भाग की त्वचा लाल हो जाती हैं। जीवाणुओं के संक्रमण से रक्त दूषित होता है। मांसपेशियों में पीड़ा होती है। रोगी बुखार से भी पीड़ित होता है। धूप में त्वचा में जलन होती है। चिकित्सा में लापरवाही बरतने से रोग अधिक बढ़ जाता है और उक्त अंग गलने लगता है।

कुष्ठ पखवाड़ा
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