भिलाई। बीएसपी में डि रिजर्वेशन के चलते सामान्य वर्ग के कर्मियों की प्रमोशन अटक गया है। यह स्थिति सेल में प्रमोशन पालिसी में फेरबदल के चलते निर्मित हो रही है। पांच साल से करीब 4 हजार कर्मी प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। करीब पांच साल पूर्व सेल ने प्रमोशन पालिसी में फेरबदल किया था।
इसके मुताबिक प्रमोशन के लिए कुल जितने पद होंगे, उनमें आरक्षित वर्ग की सभी सीटों के लिए कैंडिडेट मिलने पर ही सामान्य या ओबीसी वर्ग की प्रमोशन सूची जारी की जा सकेगी। अन्यथा रिजर्व सीट की प्रमोशन सूची तो जारी कर दी जाएगी लेकिन सामान्य वर्ग की प्रमोशन सूची को स्थगित रखा जाए। इसके चलते पांच वर्षों से ओपन केटेगरी के कर्मियों को प्रमोशन का लाभ नहीं मिल रहा है। जिनकी संख्या करीब 4 हजार है।
प्रमोशनसे वंचित होने वालों में सीनियर कर्मी: डिरिजर्वेशन प्रमोशन पालिसी का सबसे अधिक नुकसान सीनियर केटेगरी एस 6 से एस 11 के कर्मियों को हो रहा है। एंट्री लेवल के कर्मियों को तो शुरुआत के कुछ साल प्रमोशन नहीं मिलता। लेकिन एस 6 और उसके बाद के केटेगरी में कर्मी हर तीन साल बाद प्रमोशन के हकदार हो जाते हैं।
दिक्कतों की जानकारी प्रबंधन को दी गई:
''चारसाल पूर्व सेल ने प्रमोशन पालिसी में परिवर्तन करते हुए डि रिजर्वेशन सिस्टम लागू किया। उसके बाद से सामान्य वर्ग के कर्मी के प्रमोशन में दिक्कतें रही है। जिसकी जानकारी सेल प्रबंधन को दी गई है।'' एसके नागर, डीजीएम पर्सनल वर्क्स
जानकारी देने पर भी कुछ नहीं हुआ
इंटकआरएसी प्रभारी निर्मल मिश्रा के मुताबिक डि रिजर्वेशन के कारण सामान्य वर्ग के कर्मियों का प्रमोशन पेंडिंग हो जाने की जानकारी सेल डायरेक्टर पर्सनल के भिलाई प्रवास के दौरान दी गई थी। उस दौरान मौजूद बीएसपी सीईओ ने मामले का निराकरण करने का आश्वासन दिया था लेकिन उनकी ओर से इस दिशा में अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।
प्रबंधन अपना रहा दोहरा मापदंड
कर्मियोंमें नाराजगी इस बात को लेकर है कि अफसरों की साल में दो बार प्रमोशन सूची जारी करता है। कर्मियों को उनके वाजिब हक से भी वंचित रखा जा रहा है। जिसका कर्मियों की मनोदशा पर विपरीत असर पड़ रहा है।
बिना प्रमोशन लिया जा रहा काम
डिरिजर्वेशन के चलते सीनियर केटेगरी के कर्मियों को प्रमोशन तो नहीं मिल रहा लेकिन प्रबंधन उनसे उस पद का काम लेना जरूर शुरू कर दिया है। इसके एवज में उन्हें किसी तरह का आर्थिक लाभ नहीं दिया जा रहा। इससे भी कर्मियों में आक्रोश व्याप्त है।
पांच साल पहले सेल ने पॉलिसी में किया था फेरबदल
ई-0 की परीक्षा नहीं होने के कारण अफसर नहीं बन पा रहे कर्मी
इतना ही नहीं ई-0 की परीक्षा नहीं होने से सीनियर वर्ग के कर्मी अफसर नहीं बन पा रहे हैं। यह परीक्षा सेल द्वारा आयोजित की जाती है। पहले लिखित परीक्षा होती है, बाद में इंटरव्यू परीक्षा के लिए पात्र कर्मियों की सूची बीएसपी द्वारा सेल को भेजी जाती है।
इसके आधार पर ई-0 की परीक्षा आयोजित की जाती है। इस परीक्षा के लिए एस 8 से एस 11 के कर्मी पात्र होते हैं। जिसकी संख्या बीएसपी में करीब 8 हजार है। वर्ष 2010 में अंतिम बार ई-0 की परीक्षा हुई थी। उसके बाद से कर्मी इस परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं।
विडंबना|नियमों में हुए बदलाव का खामियाजा, सामान्य और ओबीसी वर्ग के कर्मी प्रभावित।