भिलाई। टाउनशिप में कीमती पेड़ों की तस्करी हो रही है। इस पर तो नगर सेवा विभाग ध्यान दे रहा है और वन विभाग। पुलिस दूसरी ड्यूटी में व्यस्त है। लकड़ी कारखानों में कहां से लकड़ी आती है, यह भी चेक करने की उसे फुरसत नहीं। यही वजह है कि यहां सस्ते फर्नीचर का अच्छा खासा कारोबार बेरोकटोक चल रहा है।
सागौन के कीमती पेड़ को काटकर छोड़ दिया गया है। तस्कर इसे पार करने की तैयारी में हैं। अगस्त में यह पेड़ गिरा। अब भी यह वैसा ही पड़ा हुआ है। कोई देखने वाला नहीं। हॉस्पिटल एरिया में बबूल का पेड़ बहुत दिनों से पड़ा हुआ है। इसे काटना शुरू कर दिया है। नीलगिरी का पेड़ कई दिनों से गिरा हुआ है। कुछ पेड़ यहां से पार हो चुके हैं।
स्थान: मानवसेवा परिसर
स्थान: तालपुरीक्लिक:10AM
आधे घंटे में पूरा पेड़ साफ
सेक्टर-5निवासी युवकों ने नाम उजागर करने के आग्रह के साथ बताया कि तस्कर वाहनों पर लकड़ी काटने की आरी लेकर आते हैं। केवल आधे घंटे के भीतर कई पेड़ों की कटाई कर, वाहन में लोड कर भाग भी जाते हैं। वे बदमाश होते हैं, उन्हें कुछ बोलना ठीक नहीं।
जानते हैं पर डर से नहीं बोलते लोग
सेक्टर-5में फारेस्ट एवेन्यू और टंकी मरोदा में ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने रात में पेड़ काटते और ले जाते हुए देखा, लेकिन डर की वजह से वे कुछ बोल नहीं पाए।
इन पेड़ों की हो रही कटाई सागौन,शीशम, करंज, बबूल, नीलगिरी
यहांसे कट रहे पेड़: गैरेजरोड, फारेस्ट एवेन्यू, मरोदा डेम के आसपास, प्लांट के आसपास, कुटेला भाठा।
उतई सेलूद के रास्ते पार होते हैं पेड़
जानकारबताते हैं कि ये पड़े कटने के बाद भिलाई में कहीं नहीं रुकते। पहले ये जाते हैं उतई और सेलूद। उसके बाद कुम्हारी नंदनी रोड जाते हैं। पेड़ों की कटाई के बाद उसकी सिल्लियां उतई और सेलूद क्षेत्र में बनाई जाती हैं।
सिर्फ ठूंठ ही दिख रहे
नगरसेवा विभाग को इसकी कितनी परवाह है इसका अनुमान केवल इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दो सालों में अंधड़ के दौरान जो पेड़ उखड़ गए, वे अभी तक गिरे पड़े हैं। इनमें से आधे से ज्यादा की केवल अवैध कटाई हो गई, बल्कि चोरी भी हो गई। मानव सेवा परिसर में इस साल सागौन के कई पेड़ उखड़े थे। अब उनकी जगह ठूंठ ही दिख रहे हैं।
तस्करी पर इसलिए लगाम नहीं
पहली वजह : टाउनशिपमें जगह-जगह घने पड़े हैं। दूर से देखने पर पेड़ों के ठूंठ दिखाई नहीं देते।
दूसरी वजह : यहांहर साल नर्सरी के किनारे पौधे रोपे जाते हैं। इससे नर्सरी के भीतरी हिस्से में यदि ठूंठ हों तो वे दिखाई नहीं देते।
तीसरी वजह: भागनेके कई सुनसान रास्ते हैं। टाउनशिप की चौड़ी सड़कें भागने में आसान हैं।
चौथीवजह: जोसबसे बड़ी वजह है, नगर सेवा विभाग को अपनी इस प्रापर्टी की जरा भी परवाह नहीं है।
जिम्मेदारों को इस बात की जानकारी ही नहीं
''मुझेपेड़ों की तस्करी को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है। तस्करी हो रही है इस बात की जानकारी नहीं है। मैं इसके बारे में पता करने के बाद ही कुछ कह पाउंगा।” आलोक झा, जीएम,नगरसेवा, बीएसपी ।